भूकंप से दहला चीन, नेपाल और तिब्बत, 7.1 की तीव्रता के झटकों से कांपी धरती, 9 लोगों की मौत

बीजिंग, 7 जनवरी। चीन और नेपाल में मंगलवार की सुबह भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए हैं। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब 9 बजकर 5 मिनट पर (चीनी समयानुसार) दक्षिण-पश्चिम चीन के शिजांग स्वायत्त क्षेत्र के शिगात्से शहर के डिंगरी काउंटी के पास 6.8 तीव्रता का भूकंप आया है। चीन में भूकंप की वजह से अब तक नौ लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।

वहीं नेपाल के समय के हिसाब से मंगलवार सुबह 6 बजकर 52 मिनट पर राजधानी काठमांडू और आसपास के इलाकों में भूकंप आया। भूकंप के झटके काठमांडू के साथ-साथ धाडिंग, सिंधुपालचौक, कावरे, मकवानपुर और कई आसपास के जिलों में महसूस किए गए।

नेपाल में भी भूकंप की तीव्रता रिएक्टर स्केल पर 7.0 रही है। नेपाल की सीमा के पास तिब्बत में भी भूकंप आया। भूकंप के झटके भारत के कई हिस्सों में भी महसूस किए गए है। यूएस जियोलॉजिकल सर्वे ने बताया है कि नेपाल के लोबुचे से 90 किलोमीटर उत्तर पूर्व में 7.0 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप का केंद्र 10.0 किलोमीटर की गहराई पर था।

  • भूकंप से लोगों में दहशत

भूकंप की तीव्रता काफी ज्यादा होने से कई इलाकों में दहशत का माहौल पैदा हो गया है। भूकंप का समय सुबह का होने की वजह से लोग घरों में ही थे। लोगों ने तेज झटके महसूस किए तो घरों से बाहर भागे। नेपाल में भूकंप से जानमाल के नुकसान की जानकारी अभी सामने नहीं आई है। भूकंप की तीव्रता को देखते हुए कुछ इलाकों में नुकसान की आशंका है।

रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता जब 7 या उससे ज्यादा होती है, तो उसे खतरनाक माना जाता है। इस तीव्रता के भूकंप में बिल्डिंगों में दरार आने या गिरने की आशंका रहती है। इतनी तीव्रता का भूकंप आने से इमारतों, सड़कों और पुलों के गिरने का खतरा पैदा हो जाता है। ऐसे में मंगलवार सुबह आए भूकंप की तीव्रता खतरनाक स्तर पर रही है।

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