बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेल : लॉन बॉल्स में भारतीय महिलाओं ने रचा इतिहास, दक्षिण अफ्रीका को हराकर स्वर्ण पदक जीता

बर्मिंघम, 2 अगस्त। 22वें राष्ट्रमंडल खेलों की लॉन बॉल्स स्पर्धा में मंगलवार को भारत को अप्रत्याशित सफलता मिली, जब महिलाओं की ‘गुमनाम’ चौकड़ी ने इतिहास रच दिया और फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को 17-10 से हराकर ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीत लिया। इन खेलों में यह भारत का चौथा स्वर्ण पदक है।

भारतीय महिला लॉन बॉल्स टीम ने महिला फोर्स (चार खिलाड़ियों की टीम) स्पर्धा के सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड को 16-13 से पहली बार राष्ट्रमंडल खेलों में महिला फोर्स प्रारूप के फाइनल में पहुंची थी। लवली चौबे (लीड), पिंकी (सेकेंड), नयनमोनी सैकिया (थर्ड) और रूपा रानी टिर्की (स्किप) की इस टीम ने स्वर्ण पदक के मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका को हराया।

रूपा रानी टिर्की ने जीत के बाद कहा, ‘हम अपने जज्बात शब्दों में जाहिर नहीं कर सकते। हम एक टीम के रूप में लड़े और हमारा सफर यहीं खत्म नहीं होता। फाइनल में भी हमने कर दिखाया। ऐसे ही खेलकर वह कर दिखाना है, जो पहले कभी नहीं हुआ।’

केंद्रीय खेल,युवा मामलों और सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने इस ऐतिहासिक जीत पर भारतीय टीम की बधाई दी है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘ राष्ट्रमंडल खेलों की लॉन बॉल्स में भारत के लिए एक ऐतिहासिक स्वर्ण! बेहद खुशी की बात है कि हमारी महिला चौकड़ी – लवली चौबे, पिंकी, नयनमोनी सैकिया और रूपा रानी तिर्की ने फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को 17-10 से हराकर देश को अपना पहला लॉन्स बॉल्स पदक दिलाया है!’

भारत के खाते में अब तक चार स्वर्ण सहित 10 पदक

इस स्वर्ण के साथ ही भारत ने इन खेलों में अब तक चार स्वर्ण, तीन रजत और तीन कांस्य सहित कुल 10 पदक जीत लिए हैं। इनमें तीन स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य जहां भारोत्तोलकों ने दिलाए हैं वहीं जूडो में एक रजत व एक कांस्य पदक मिला है।

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