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आपातकाल के 51 साल : भाजपा मनाएगी ‘संविधान हत्या दिवस’, देशभर में होंगे विशेष कार्यक्रम

आपातकाल के 51 साल : भाजपा मनाएगी ‘संविधान हत्या दिवस’, देशभर में होंगे विशेष कार्यक्रम

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नई दिल्ली, 25 जून। देश में लगाए गए आपातकाल के 51 साल पर भारतीय जनता पार्टी गुरुवार को ‘संविधान हत्या दिवस’ मनाएगी। पार्टी इस अवसर पर बिहार, हरियाणा समेत देश के कई राज्यों में विशेष कार्यक्रम आयोजित करेगी। भाजपा का कहना है कि 25 जून 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए आपातकाल ने लोकतांत्रिक संस्थाओं और नागरिक स्वतंत्रताओं को गंभीर नुकसान पहुंचाया था। इस मौके पर भाजपा ने देशभर में कई कार्यक्रमों की योजना बनाई है, जिनका उद्देश्य आपातकाल के दौरान हुई घटनाओं और उसके प्रभावों को लोगों तक पहुंचाना है। बिहार में इस अवसर पर बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। राज्य के करीब 90,000 बूथों पर विभिन्न आयोजन होंगे। पटना के ज्ञान भवन में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा आपातकाल विरोधी आंदोलन में शामिल रहे लगभग 450 ‘जेपी सेनानियों’ और ‘लोकतंत्र सेनानियों’ को सम्मानित करेंगे।

भाजपा के बिहार प्रदेश कार्यालय में आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता में पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष और पूर्व विधायक हरिभूषण ठाकुर बचौल तथा पवन जायसवाल ने आरोप लगाया कि आपातकाल के दौरान नागरिकों के मौलिक अधिकारों को सीमित कर दिया गया था और राजनीतिक सत्ता बनाए रखने के लिए लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिश की गई थी। पवन जायसवाल ने बताया कि 30 जून से 6 जुलाई तक बिहार के सभी 52 संगठनात्मक जिलों में कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा भाजपा के युवा और महिला मोर्चा के संयुक्त तत्वावधान में राज्य के पांच प्रशासनिक प्रमंडलों में छात्र सम्मेलन भी आयोजित होंगे।

वहीं, हरियाणा में भी भाजपा नेताओं ने आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र के सबसे अंधकारमय दौरों में से एक बताया। पंचकुला स्थित पार्टी मुख्यालय पंचकमल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में यमुनानगर से विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने कहा कि संविधान बचाने की बात करने वाली कांग्रेस को पहले आपातकाल के दौरान अपने कार्यों पर आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचला गया, संस्थाओं की स्वायत्तता कमजोर की गई और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर भी प्रतिबंध लगाए गए। हजारों लोकतंत्र सेनानियों, राजनीतिक कार्यकर्ताओं, पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को जेल में डाल दिया गया था, जबकि मीडिया पर कड़ी सेंसरशिप लागू की गई थी।

घनश्याम दास अरोड़ा ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और तत्कालीन भारतीय जनसंघ ने आपातकाल का विरोध करते हुए लोकतंत्र की बहाली के लिए देशभर में आंदोलन चलाए थे। उन्होंने बताया कि ‘संविधान हत्या दिवस’ मनाने का उद्देश्य लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले लोगों को सम्मान देना और नई पीढ़ी को आपातकाल के इतिहास और उसके परिणामों से अवगत कराना है। हरियाणा भाजपा की ओर से गुरुवार शाम 5 बजे पंचकुला स्थित अटल सभागार में एक विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा।

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