CM योगी ने प्रदेशवासियों को दी दीपावली की शुभकामनाएं, बोले- दीपोत्सव त्याग, मर्यादा और समर्पण का महापर्व

लखनऊ, 2 नवंबर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दसवें भव्य दीपोत्सव के अवसर पर प्रदेशवासियों को दीपावली की शुभकामनाएं दी हैं। ‘योगी की पाती’ के जरिए जारी संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या का दीपोत्सव केवल दीप जलाने का आयोजन नहीं, बल्कि अंधकार पर प्रकाश, निराशा पर आशा और सनातन संस्कृति के पुनर्जागरण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम के अयोध्या आगमन की स्मृति से जुड़ा यह पर्व हमें सकारात्मकता, त्याग, मर्यादा और समर्पण का संदेश देता है।

दीपोत्सव भारत के सांस्कृतिक गौरव का महापर्व

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सप्तपुरियों में श्रेष्ठ श्रीअयोध्या धाम अपने दसवें दीपोत्सव के स्वागत के लिए तैयार है। मां सरयू के तट पर सजी दीपमाला और राम की पैड़ी पर प्रज्ज्वलित लाखों दीपों का दृश्य ऐसा प्रतीत होता है, मानो आकाशगंगा धरती पर उतर आई हो। ड्रोन के जरिए होने वाली आकाशीय प्रस्तुतियां और कलाकारों की सहभागिता इस आयोजन को और भव्य बनाती हैं। उन्होंने कहा कि दीपक की छोटी-सी लौ हमें सिखाती है कि घने अंधकार में भी प्रकाश की एक किरण नई उम्मीद जगा सकती है। दीपोत्सव का सनातन परंपराओं से गहरा जुड़ाव है और यह पर्व भारतीय संस्कृति के जीवन-मूल्यों को भी दुनिया के सामने प्रस्तुत करता है।

भरत जी के त्याग से मिलती है दायित्व निभाने की सीख

योगी आदित्यनाथ ने रामायण के प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि भरत जी ने 14 वर्षों तक राजसुख का त्याग किया और प्रभु श्रीराम की चरण पादुकाओं को सिंहासन पर प्रतिष्ठित कर अयोध्या का शासन चलाया। यह प्रसंग बताता है कि सत्ता का वास्तविक अर्थ अधिकार जताना नहीं, बल्कि अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करना है। अयोध्या का दीपोत्सव त्याग, मर्यादा और समर्पण की इसी भावना को वैश्विक मंच पर स्थापित कर रहा है।

दीपोत्सव से रोजगार और अर्थव्यवस्था को मिल रहा बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने दीपोत्सव को आस्था और अर्थव्यवस्था का संगम बताते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश ने जनभागीदारी और विकास को उत्सवों की शक्ति बनाकर अपनी नई पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि जहां प्रकाश है, वहां सुरक्षा है। सुरक्षा से निवेश के अवसर बढ़ते हैं और निवेश से विकास, रोजगार तथा समृद्धि के रास्ते खुलते हैं। उन्होंने कहा कि दीपोत्सव जैसे आयोजनों से कुम्हारों, फूल विक्रेताओं, होटल कारोबारियों और स्थानीय व्यापारियों को रोजगार और आय के नए अवसर मिलते हैं। स्थानीय कारीगरों के हाथों से बने दीये और उत्पाद खरीदकर उनके परिश्रम को प्रोत्साहित करना चाहिए।

वंचित परिवारों की दीपावली रोशन करने की अपील

मुख्यमंत्री योगी ने प्रदेशवासियों से अपील की कि उनके आसपास कोई जरूरतमंद या वंचित परिवार हो तो अपनी सामर्थ्य के अनुसार उसकी दीपावली भी खुशियों से भर दें। ऐसे परिवारों को दीये, मिठाइयां और नए कपड़े भेंट कर उनके जीवन में खुशियां लाएं। उन्होंने कहा कि दूसरों के घरों में खुशियों का दीप जलाना ही दीपोत्सव की सच्ची भावना है।

युवाओं से सकारात्मकता और स्वच्छता अपनाने का आह्वान

योगी आदित्यनाथ ने विशेष रूप से युवाओं से सकारात्मक ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने और नकारात्मकता से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवाओं को दीपक की लौ की तरह सकारात्मक सोच अपनानी चाहिए। अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखना भी जरूरी है, क्योंकि स्वच्छता में ही श्री का वास होता है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से परिवार और मित्रों के साथ अयोध्या पहुंचकर प्रभु श्रीराम की नगरी में भव्य दीपोत्सव की दिव्य छटा देखने का आह्वान किया। उन्होंने कामना की कि दीपावली पर हर घर में खुशहाली आए, हर मन में सद्भाव बना रहे और सभी के जीवन में प्रगति के नए रास्ते खुलें।

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