बिहार : सीएम बनते ही सम्राट चौधरी 56 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ देंगे, कर्पूरी ठाकुर की बराबरी भी करेंगे
पटना, 14 अप्रैल। बिहार के राजनीतिक इतिहास में पहली बार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मुख्यमंत्री की ताजपोशी की तैयारी हो चुकी है। इस क्रम में नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद एनडीए विधायक दल के नवनिर्वाचित नेता सम्राट चौधरी बुधवार को लोकभवन में कुछ अन्य सहयोगियों के साथ शपथ ग्रहण करेंगे।
आदरणीय श्री @NitishKumar जी,
आपके स्नेहपूर्ण शब्दों, आशीर्वाद एवं विश्वास के लिए हृदय से आभार एवं धन्यवाद।
आपके नेतृत्व और मार्गदर्शन में कार्य करने का अवसर मेरे लिए गौरव की बात है। मैं पूर्ण निष्ठा, समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ बिहार के विकास, सुशासन और जनकल्याण के लिए निरंतर… https://t.co/4RFgj9h10l
— Samrat Choudhary (@samrat4bjp) April 14, 2026
इस घटनाक्रम के दिलचस्प पहलू यह है कि सम्राट चौधरी सीएम बनते ही अपशकुनी मान्यता से जुड़ा 56 वर्ष पुराना रिकॉर्ड तोड़ देंगे और इसके साथ ही समाजवादी नेता ‘भारत रत्न’ कर्पूरी ठाकुर की बराबरी भी कर लेंगे।
कर्पूरी के बाद कोई डिप्टी सीएम कभी सीएम की कुर्सी तक नहीं पहुंचा था
दरअसल, बिहार में यह धारणा बन चुकी थी कि जो डिप्टी सीएम बनता है, वो कभी मुख्यमंत्री नहीं बन पाता। इस क्रम में कर्पूरी ठाकुर ही वो आखिरी डिप्टी सीएम हैं, जिन्हें 56 वर्ष पहले पहली बार सीएम बनने का मौका मिला था। दूसरे शब्दों में कहें तो कर्पूरी ठाकुर के बाद पिछले 56 वर्षों के दौरान बिहार में कोई उप मुख्यमंत्री कभी मुख्यमंत्री की कुर्सी तक नहीं पहुंच सका था।
1970 में कर्पूरी ठाकुर पहली बार सीएम बने थे
कर्पूरी ठाकुर 1967 में पहली बार सोशलिस्ट पार्टी की महामाया प्रसाद सिन्हा सरकार में डिप्टी सीएम बने थे। लगभग एक वर्ष तक वह उप मुख्यमंत्री पद पर रहे। 1970 में कर्पूरी ठाकुर पहली बार सीएम बने और सरकार लगभग छह महीने चली। इमरजेंसी के बाद हुए चुनाव में जनता पार्टी की सरकार बनी तो कर्पूरी 1977 में दूसरी बार मुख्यमंत्री बने। इस बार कर्पूरी की सरकार दो वर्ष से कुछ कम समय तक चली।
आजादी के बाद से अब तक 10 डिप्टी सीएम में सम्राट सिर्फ दूसरे सीएम होंगे
बिहार को आजादी के बाद से अब तक 10 डिप्टी सीएम मिले हैं। कर्पूरी ठाकुर से पहले कांग्रेस के अनुग्रह नारायण सिन्हा 11 साल डिप्टी सीएम रहे, लेकिन कभी सीएम नहीं बन सके। कर्पूरी ठाकुर के बाद जगदेव प्रसाद, राम जयपाल सिंह यादव, सुशील मोदी, तेजस्वी यादव, तार किशोर प्रसाद, रेणु देवी, सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा डिप्टी सीएम बने। लेकिन इनमें अब तक सीएम नहीं बन पा रहा था। अब 56 वर्षों बाद सम्राट चौधरी उस रिकॉर्ड और उस मान्यता को ध्वस्त करने के लिए तैयार हैं।
भाजपा के संस्थापक नेताओं में रहे सुशील मोदी कई बार नीतीश सरकार में डिप्टी सीएम बने, लेकिन कभी सीएम नहीं बन पाए। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव भी दो बार डिप्टी सीएम बने, लेकिन मुख्यमंत्री नहीं बन पा रहे हैं। फिलहाल सम्राट चौधरी दो बार डिप्टी सीएम बनने के बाद प्रमोशन की लंबी छलांग मारकर सीएम बनने जा रहे हैं।
