लखनऊ, 9 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा के विस्तार को लेकर राज्य सरकार के प्रयासों का उल्लेख किया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 के बाद स्वास्थ्य क्षेत्र में कई बदलाव हुए हैं। मुख्यमंत्री के मुताबिक, प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 36 से बढ़कर 85 हो गई है, जबकि एमबीबीएस की सीटें 4,690 से बढ़कर 13,600 से अधिक हो चुकी हैं।
इसके अलावा, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान के तहत 10 करोड़ से अधिक लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए बदलावों की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और अंत्योदय के संकल्प के साथ प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रही है।
मेडिकल कॉलेजों की संख्या में बढ़ोतरी का दावा
सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 36 थी, जो अब बढ़कर 85 हो गई है। इसी अवधि में एमबीबीएस की सीटों की संख्या भी 4,690 से बढ़कर 13,600 से अधिक हो गई है। उनके अनुसार, इससे युवाओं को चिकित्सा शिक्षा के अधिक अवसर मिल रहे हैं और लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा बढ़ाने में मदद मिली है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज’ की पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य लोगों को उनके आसपास ही बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
10 करोड़ से अधिक लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा
मुख्यमंत्री के अनुसार, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान के दायरे में प्रदेश के 10 करोड़ से अधिक लोग शामिल हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य पात्र लाभार्थियों को गंभीर बीमारियों के इलाज के खर्च से राहत देना और उन्हें स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराना है। सीएम योगी ने कहा कि इन योजनाओं से लोगों को उपचार के दौरान आर्थिक बोझ कम करने में मदद मिल रही है। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को प्रदेश में स्वास्थ्य सुरक्षा और बेहतर जीवन स्तर की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।
स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत बनाने और चिकित्सा शिक्षा का विस्तार करने के लिए प्रयासरत है। मेडिकल कॉलेजों और एमबीबीएस सीटों की संख्या में वृद्धि को उन्होंने इसी दिशा में उठाए गए कदमों का हिस्सा बताया। हालांकि, स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और योजनाओं के वास्तविक लाभ का आकलन करने के लिए अस्पतालों में सुविधाओं, डॉक्टरों की उपलब्धता, इलाज की गुणवत्ता और पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं की पहुंच जैसे पहलुओं को भी देखना जरूरी है।


