यूपी सरकार का फैसला : 7 अक्टूबर को वाल्मीकि जयंती पर सार्वजनिक अवकाश घोषित

लखनऊ, 4 अक्टूबर।  उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की अगुआई वाली भाजपा सरकार ने दशहरा और गांधी जयंती की छुट्टी खत्म होते ही वाल्मीकि जयंती पर सार्वजनिक अवकाश की घोषणा कर दी है। अब सात अक्टूबर मंगलवार को वाल्मीकि जयंती के अवसर पर सार्वजनिक अवकाश रहेग। इस संबंध में उत्तर प्रदेश शासन की ओर से अधिसूचना भी भी जारी कर कर दी गई है।

सामान्य प्रशासन अनुभाग की ओर से जारी पत्र में बताया गया है कि शासन स्तर पर विचार के बाद वाल्मीकि जयंती पर अवकाश घोषित किया गया है। इसके तहत सरकारी स्कूल, ऑफिस बंद रहेंगे जबकि आवश्यक सेवाएं चालू रहेंगी।

सीएम योगी ने सप्ताहभर पहले श्रावस्ती में की थी घोषणा

ज्ञातव्य रहे कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक सप्ताह पूर्व श्रावस्ती जिले में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान इस अवकाश की घोषणा की थी और शनिवार को इस बाबत शासनादेश जारी किया गया है। इस दिन को राज्य स्तर पर विशेष महत्व के लिए सरकारी अवकाश की घोषणा की गई है।

दरअसल, 17 दिसम्बर 2024 को जारी वर्ष 2025 की छुट्टियों की सूची में महर्षि वाल्मीकि जयंती को निबंधित अवकाश यानी रेस्ट्रिक्टेड होलिडे की श्रेणी में रखा गया था। इसका अर्थ था कि कर्मचारी अपनी इच्छानुसार सीमित संख्या में छुट्टियां चुन सकते थे। हालांकि, ताजा आदेश में वाल्मीकि जयंती को सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया गया है।

बैंकों के कामकाज पर नहीं होगा असर

हालांकि, सरकार के आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह अवकाश निगोशिएबुल इन्स्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881 के तहत नहीं आएगा। यानी यह अवकाश राज्य सरकार के अधीन संस्थानों, दफ्तरों और शिक्षण संस्थानों पर लागू होगा। बैंकों और वित्तीय संस्थाओं में छुट्टी तभी होगी, जब केंद्र सरकार अलग से अधिसूचना जारी करेगी।

आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को मनाई जाती है वाल्मीकि जयंती

महर्षि वाल्मीकि को आदि कवि और रामायण के रचयिता के रूप में जाना जाता है। हर वर्ष आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को उनकी जयंती मनाई जाती है। इस बार यह तिथि 7 अक्टूबर को पड़ रही है। प्रदेश में वाल्मीकि समुदाय की बड़ी आबादी है, जिसके लिए यह दिन बेहद विशेष महत्व रखता है। इस मौके पर मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, शोभायात्राएं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होता है।

वाल्मीकि समाज अर्से से कर रहा था मांग

उल्लेखनीय है कि भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर सार्वजनिक अवकाश की मांग लगातार कर रहा था। समाज के लोगों ने सरकार से सात अक्टूबर को सार्वजनिक अवकाश घोषित करने के लिए कई बार ज्ञापन सौंपा था। वाल्मीकि समाज के अनुसार पहले इस दिन सरकारी अवकाश होता था, जो बाद में रद कर दिया गया था।

फिलहाल, योगी आदित्यनाथ सरकार का यह कदम सामाजिक और राजनीतिक दोनों दृष्टि से अहम माना जा रहा है। सीएम योगी ने हाल ही में एक कार्यक्रम में कहा था कि महर्षि वाल्मीकि ने रामायण के माध्यम से समाज को एकता, भाईचारे और सद्भाव का संदेश दिया। इसे आज भी खासा महत्व दिया जाता है।

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