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ट्रंप का बयान- ‘मैं ईरान का तेल अपने कब्जे में लेना चाहता हूं, खार्ग द्वीप पर भी नियंत्रण संभव’

ट्रंप का बयान- ‘मैं ईरान का तेल अपने कब्जे में लेना चाहता हूं, खार्ग द्वीप पर भी नियंत्रण संभव’

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वॉशिंगटन, 30 मार्च। ईरान के साथ जारी युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह ईरान का तेल अपने कब्जे में लेना चाहते हैं और खार्ग द्वीप पर भी नियंत्रण कर सकते हैं। यह वही द्वीप है, जहां से ईरान का ज्यादातर तेल निर्यात होता है।

ईरान के साथ जल्द समझौते के भी दिए संकेत

ट्रंप ने ‘फाइनेंशियल टाइम्स’ को दिए गए एक इंटरव्यू में यह बयान ऐसे वक्त दिया है, जब एक तरफ ईरान जंग में संघर्ष विराम को लेकर पाकिस्तान और मध्य पूर्व के देशों के बीच मध्यस्थता की कोशिश हो रही है तो दूसरी ओर संभावित जमीनी हमलों के लिए 3,500 अमेरिकी सैनिक मध्य पूर्व में पहुंच चुके हैं। हालांकि बाद में ट्रंप ने पत्रकारों से यह भी कहा कि ईरान के साथ समझौता बहुत जल्द हो सकता है।

उल्लेखनीय है कि मध्य पूर्व में जारी युद्ध के चलते कच्चे तेल की कीमतों में जबर्दस्त तेजी आई है। एक महीने में कीमतें 50 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ गई हैं। इसी क्रम में सोमवार सुबह ब्रेंट क्रूड की कीमत बढ़कर 116 डॉलर प्रति बैरल तक जा पहुंची। गत 28 फरवरी को ईरान पर शुरू हुए इजराइल-अमेरिका के हमले से पहले कच्चे तेल की कीमत 72 डॉलर प्रति बैरल के आसपास थी।

जंग में यमन के हूती विद्रोहियों की एंट्री से भी बढ़ा खतरा

इस बीच ईरान जंग में यमन के हूती विद्रोहियों की एंट्री ने रेड डी से ईंधन परिवहन पर भी खतरा बढ़ा दिया है। हालांकि 2023 में हमास-इजराइल संघर्ष के बाद से हूती हमले बढ़ने के कारण इस रूट से ईंधन परिवहन काफी कम हुआ है। उससे पहले पेट्रोलियम ईंधन का 12 प्रतिशत वैश्विक व्यापार इसी रास्ते होता था।

‘ईमानदारी से कहूं तो मेरी पसंदीदा चीज है ईरान का तेल लेना

फाइनेंशियल टाइम्स में रविवार को प्रकाशित इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, ‘ईमानदारी से कहूं तो मेरी पसंदीदा चीज है ईरान का तेल लेना। लेकिन अमेरिका में कुछ लोग कहते हैं कि आप ऐसा क्यों कर रहे हैं। वे लोग बेवकूफ हैं।’

‘खार्ग द्वीप पर नियंत्रण का भी हमारे पास खुला विकल्प’

ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि इस कदम में खार्ग द्वीप पर कब्जा शामिल हो सकता है। उन्होंने कहा, ‘हो सकता है हम खार्ग द्वीप लें, हो सकता है नहीं लें। हमारे पास कई विकल्प हैं। इसका मतलब यह भी होगा कि हमें वहां कुछ समय तक रहना पड़ेगा।’ हालांकि जब उनसे द्वीप की सुरक्षा व्यवस्था के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि उनके पास कोई खास सुरक्षा है। हम इसे बहुत आसानी से ले सकते हैं।’

अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि पाकिस्तान के माध्यम से अमेरिका और ईरान के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत जारी है और इसमें प्रगति हो रही है। लेकिन उन्होंने यह बताने से इनकार कर दिया कि संघर्षविराम समझौता जल्द होगा या नहीं। उन्होंने इतना अवश्य कहा, ‘समझौता काफी जल्दी हो सकता है।’

ईरान में सत्ता परिवर्तन का लक्ष्य हासिल हो चुका है

वहीं ट्रंप ने रविवार को एयर फोर्स वन पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अमेरिका का मानना है कि ईरान में सत्ता परिवर्तन का लक्ष्य हासिल हो चुका है। उन्होंने कहा, ‘यदि आप देखें तो वहां पहले ही शासन परिवर्तन हो चुका है। पहला शासन पूरी तरह खत्म हो गया, नष्ट हो गया, वे सभी मारे जा चुके हैं। दूसरा शासन भी लगभग खत्म हो चुका है और अब तीसरे शासन में हम ऐसे लोगों से बात कर रहे हैं, जिनसे पहले कभी किसी ने बात नहीं की। यह बिल्कुल अलग समूह है, इसलिए मैं इसे शासन परिवर्तन मानता हूं। और सच कहूं तो वे काफी व्यावहारिक रहे हैं।’

ट्रंप ने आगे कहा, ‘मुझे लगता है कि वहां शासन परिवर्तन हो चुका है। इससे बेहतर शायद ही कुछ हो सकता है। जो शासन बहुत खराब था, बहुत बुरा था, दूसरा जिसे नियुक्त किया गया था, वे सभी अब खत्म हो चुके हैं, मारे जा चुके हैं। केवल एक व्यक्ति बचा है, जिसमें शायद थोड़ी जान बाकी है।’ यह टिप्पणी उन्होंने एक महीने से जारी युद्ध में ईरानी नेताओं के मारे जाने के जिक्र के दौरान की।

ईरान के साथ बातचीत को लेकर कुछ कहा नहीं जा सकता

उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि हम उनके साथ समझौता कर लेंगे, लगभग तय है, लेकिन यह भी संभव है कि न हो। ईरान के साथ कुछ कहा नहीं जा सकता, क्योंकि हम उनसे बातचीत करते हैं और फिर हमें उन्हें बम से उड़ाना पड़ता है।’

अमेरिकी सैनिको पर आग बरसाने का इंतजार कर रहा ईरान

दूसरी तरफ संभावित अमेरिकी जमीनी हमले को लेकर ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागर गालिबाफ ने कहा कि ईरानी सेनाएं अमेरिकी सैनिकों के जमीन पर उतरने का इंतजार कर रही हैं ताकि उन पर आग बरसाई जा सके।

ईरान के खातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता इब्राहिम जोलफागरी ने भी चेतावनी दी है कि ईरानी सशस्त्र बल क्षेत्र में मौजूद अमेरिका और इजराइल के ‘कमांडरों और राजनीतिक अधिकारियों के घरों’ को निशाना बना सकते हैं। खातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर ईरान की सर्वोच्च ऑपरेशनल कमान इकाई है, जो देश की सेना की गतिविधियों में तालमेल करती है।

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