टोक्यो, 4 अगस्त। टोक्यो ओलंपिक खेलों के 13वें दिन बुधवार को उस समय भारत के खाते में चौथा पदक जुड़ गया, जब पहलवान रवि कुमार दहिया 57 किलोग्राम फ्रीस्टाइल कुश्ती के फाइनल में पहुंच गए। उन्होंने कजाखस्तान के सनायव नूरिस्लाम को अंतिम क्षणों में चित कर यह कामयाबी हासिल की और रजत पदक पक्का कर लिया।
हालांकि 86 किलोग्राम भार वर्ग में दीपक पूनिया भाग्यशाली नहीं रहे और वह सेमीफाइनल में अमेरिकी पहलवान के खिलाफ एक भी अंक नहीं बना सके। वैसे दीपक के पास रेपचेज राउंड के सहारे कांस्य पदक जीतने का मौका है। इसके पूर्व दिन में महिला पहलवान अंशु 57 किलोग्राम भार वर्ग के पहले ही दौर में हार गई थीं।
माकुहारी मेसे हाल ए के मैच बी पर नूरिस्लाम के खिलाफ सेमीफाइनल में रवि कुमार की शुरुआत अच्छी नहीं रही और वह पिछड़ गए। कजाख मल्ल ने इस दौरान कई बार रवि को दबोचा। दूसरे पीरियड में एक समय नूरिस्लाम ने 9-7 की बढ़त ले रखी थी। लेकिन कुश्ती की समाप्ति से 30 सेंकेंड पूर्व रवि ने बाजी पलटी और विपक्षी पहलवान को चित कर दिया। इसके साथ ही भारतीय पहलवान ने मुकाबला विक्ट्री बाई फॉल (वीएफए) से जीत लिया।
भारत के खाते में अब 4 पदक
रवि के इस शानदार प्रदर्शन की मदद से मौजूदा ओलंपिक के दौरान भारत के खाते में अब चार पदक आ चुके हैं। पदक स्पर्धाओं के पहले दिन 24 जुलाई को मीराबाई चानू ने भारोत्तोलन में रजत जीता तो गत एक अगस्त को महिला एकल बैडमिंटन में रियो खेलों की रजत पदक विजेता पी.वी. सिंधु ने कांसे पर अधिकार किया था और आज सुबह मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने कांस्य पदक जीता।
रवि ने दिन के दो मुकाबलों में भी दिखाया था दम
टोक्यो खेलों में चौथी सीड लेकर उतरे मौजूदा एशियाई चैंपियन रवि दहिया ने इसके पूर्व दिन में पहले दोनों मुकाबले तकनीकी दक्षता (वीएसयू1) के आधार पर जीते थे। दहिया ने पहले दौर में कोलंबिया के टिगरेरोस उरबानो आस्कर एडवर्डो को 13-2 से हराने के बाद बल्गारिया के जॉर्जी वेलेंटिनोव वेंगेलोव को 14-4 से हराया।
ओलंपिक कुश्ती में भारत के हिस्से पांचवां पदक
देखा जाए तो ओलंपिक इतिहास में भारत ने पांचवां पदक अपने नाम किया है। इनमें सुशील कुमार कुमार इकलौते भारतीय पुरुष खिलाड़ी हैं, जिन्होंने व्यक्तिगत वर्ग में दो पदक जीते हैं। उन्होंने बीजिंग 2008 में कांस्य पदक और फिर लंदन 2012 में रजत पदक जीता था। लंदन में ही योगेश्वर दत्त रेपचेज में बेहतरीन दांव के सहारे कांस्य पदक जीता था जबकि रियो 2016 में साक्षी मलिक ने कांस्य पदक अपने नाम किया था।
86 किलो वर्ग में अमेरिकी मल्ल से नहीं लड़ सके दीपक
रवि के विपरीत दीपक पूनिया 86 किलो वर्ग के सेमीफाइनल में अमेरिकी डेविड मोरिस टेलर के हाथों 0-10 अंकों से पटखनी खा गए। चूंकि पूनिया एक भी अंक अर्जित नहीं कर सके, लिहाजा अमेरिकी पहलवान को वीएसयू (विक्ट्री बाई टेक्निकल सुपरियॉरिटी) के आधार पर विजेता घोषित किया गया। फिलहाल दीपक को रेपचेज खेलने का मौका मिला तो वह कांस्य पदक जीत सकते हैं।
दीपक ने दिन के दोनों मुकाबले जीतकर सेमीफाइनल का सफर तय किया था। पहले उन्होंने नाइजीरियाई एजिओमोर एकेरकेमे को वीएसयू1 के सहारे हराया था। इस कुश्ती में दीपक के 12 के मुकाबले विपक्षी मल्ल सिर्फ एक अंक जुटा सका था। इसके बाद दीपक ने चीनी पहलवान लिन जुशेन को अंकों के आधार पर 6-3 से मात देकर सेमीफाइनल में जगह सुनिश्चित की थी।
उधर महिलाओं के 57 किलो वर्ग के पहले ही मुकाबले में अंशु को बल्गारिया की इरिना कुराचकिना के हाथें अंकों के आधार पर 2-8 से मात खानी पड़ी थी।
