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बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक विजयादशमी का पर्व हर्षोल्लास के साथ संपन्न

नई दिल्ली, 18 अक्टूबर। असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक विजयादशमी का पर्व शुक्रवार को पूरे देश में पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
इस अवसर पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी देशवासियों को बधाई दी है। इस मौके पर देश के अलग अलग हिस्सों में रावण दहन करने की परंपरा है। इसी क्रम में शाम को कई राज्यों में रावण के पुतले दहन किए गए।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस मौके पर रामायण की चौपाई उद्धृत करते हुए कहा, ‘जो राजा प्रजा का दुख दूर नहीं कर सकता है और उसे कष्ट देता है वह राजा नरक का हक़दार होता है। उन्होंने ‘जय श्री राम’ को टैग करते हुए कहा ‘जासु राज प्रिय प्रजा दुखारी सो नृप अवसि नरक अधिकारी।’

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, ‘सुर बानरस देखे बिकल हँस्यो कोसलाधीस। सजि सारंग एक सर हते सकल दससीस। सभी देशवासियों को असत्य पर सत्य, अहंकार पर विनम्रता और बुराई पर अच्छाई की जीत के पावन पर्व विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं। विजयादशमी।’

भारत में फ्रांस के राजदूत ने बुराई पर अच्छाई के प्रतीक दशहरा पर्व पर विशिष्ट अंदाज में अपनी शुभकामना दी है, जिसमें मंदिरों के शहर वाराणसी की प्राचीनता की गूंज, फ्रांस की पाक कला की महक के साथ-साथ भारत और फ्रांस के घनिष्ठ राजनीतिक संबंधों की झलक मिलती है।

राजदूत एमैनुएल लेनाइन ने दिल्ली स्थित फ्रांसीसी दूतावास के ट्वीटर हैंडल पर शुक्रवार को काशी में गंगाजी के किनारे स्थित एक प्राचीन घाट के चित्र के साथ जारी अपने इस संदेश में लिखा, “मैं जब भी वाराणसी जाता हूं, इस सबसे प्राचीन और प्रेरणादायी शहर को देख कर विस्मय में पड़ जाता हूं।” चित्र में गंगा नदी की धारा और एक नौका भी दिख रही है।

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