नई दिल्ली, 27 अक्टूबर। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। इस बार पूर्व मिस स्विट्जरलैंड बीट्रिस केउल ने ट्रंप पर 1993 में न्यूयॉर्क के एक होटल में उनके साथ ‘जबरन दुष्कर्म’ करने का आरोप लगाया है। People.com की रिपोर्ट के अनुसार यह आरोप अमेरिकी कांग्रेस की हाउस ज्यूडिशियरी कमेटी के डेमोक्रेट सदस्यों की ओर से जारी एक नई रिपोर्ट में शामिल है।
ह्वाइट हाउस ने आरोपों को खारिज किया
रिपोर्ट में ट्रंप के जेफरी एपस्टीन के सेक्स ट्रैफिकिंग नेटवर्क से कथित संबंधों की जांच की गई है। हालांकि ह्वाइट हाउस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि ये आरोप सच नहीं हैं और कांग्रेस की रिपोर्ट राष्ट्रपति को निशाना बनाने की राजनीतिक कोशिश है।
फिलहाल रिपोर्ट में बीट्रिस केउल के हमले का विवरण दिया गया है। इसमें यह भी जांच की गई है कि क्या ट्रंप, एपस्टीन और अन्य लोगों ने डोनाल्ड जे ट्रंप अमेरिकन ड्रीम पेजेंट को युवा महिलाओं और लड़कियों को निशाना बनाने के लिए इस्तेमाल किया था। इस प्रतियोगिता में 16 से 22 वर्ष की उम्र की प्रतिभागी शामिल होती थीं। रिपोर्ट के अनुसार पेजेंट के जरिए पुरुषों को महिलाओं से संपर्क करने और शिक्षा, यात्रा और करिअर में मदद का भरोसा देकर उनका फायदा उठाने के मौके मिलते थे।
वीजा और यूनिवर्सिटी में मदद का दिया था भरोसा
केउल 1993 में 24 वर्ष की थीं और मॉडल के साथ फाइनेंस सेक्टर में भी काम करती थीं। रिपोर्ट के अनुसार नवम्बर 1993 में जिल हार्थ ने उन्हें अटलांटिक सिटी और न्यूयॉर्क में आयोजित पेजेंट में शामिल होने के लिए बुलाया था। केउल के अनुसार उन्होंने ट्रंप से प्लाजा होटल में एक प्रेस लंच के दौरान मुलाकात की। उस समय यह होटल ट्रंप के स्वामित्व में था। आरोप है कि ट्रंप ने उनसे मुलाकात के दौरान वीजा और न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी में दाखिले में मदद करने की पेशकश की।
इसके बाद एपस्टीन ने भी केउल से संपर्क किया और उन्हें इसी तरह की मदद की पेशकश की। उसने उन्हें फ्लोरिडा स्थित ट्रंप की मार-ए-लागो संपत्ति में आयोजित एक पार्टी में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया। रिपोर्ट के अनुसार बाद में ट्रंप के एक प्रतिनिधि ने केउल को ट्रंप से मिलने के लिए ऊपर आने को कहा। करिअर और पढ़ाई में मदद मिलने की उम्मीद में केउल उस प्रतिनिधि के साथ होटल के एक कमरे में गईं।
होटल के कमरे में दुष्कर्म का आरोप
केउल के आरोप के अनुसार कमरे में पहुंचने के बाद ट्रंप ने पीछे से उन्हें पकड़ लिया और उनके साथ बलात्कार किया। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस कथित हमले के दौरान उनके कपड़े फट गए और उनके शरीर के कई हिस्सों पर चोट और खून के निशान थे। केउल ने इस हमले को ‘जबरन और क्रूर’ बताया। रिपोर्ट के अनुसार घटना के बाद ट्रंप ने उन्हें वीजा और न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी में दाखिले में मदद का भरोसा दोहराया और चुप रहने को कहा। रिपोर्ट में कहा गया है कि उन्होंने केउल से कहा- ‘शो जारी रहना चाहिए’।
इसके बाद केउल ने पेजेंट में हिस्सा पूरा किया और फिर स्विट्जरलैंड लौट गईं। बाद में उन्होंने ट्रंप की ओर से आयोजित एक और पेजेंट में हिस्सा लेने से इनकार कर दिया। कुछ महीनों बाद ट्रंप ने स्विट्जरलैंड में उनसे संपर्क किया और फिर वीजा तथा न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी में दाखिले में मदद की पेशकश की, लेकिन केउल ने इसे ठुकरा दिया।
कांग्रेस की रिपोर्ट में जिल हार्थ की ओर से 1997 में ट्रंप के खिलाफ दायर यौन उत्पीड़न के मुकदमे का भी जिक्र किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इन मामलों में महिलाओं को शिक्षा और करिअर के अवसरों का भरोसा देकर उन्हें अपने नियंत्रण में लेने के आरोपों में समानता दिखाई देती है।
फिलहाल ह्वाइट हाउस की प्रवक्ता लॉरेन बिस ने People.com से कहा कि ये आरोप सच नहीं हैं। उन्होंने कांग्रेस की रिपोर्ट को ट्रंप को निशाना बनाने की कोशिश बताया। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रंप ने एपस्टीन को अपने मार-ए-लागो क्लब से बाहर कर दिया था।
दिलचस्प यह है कि ट्रंप पर केउल के आरोपों के संबंध में कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं हुआ है। वहीं, ट्रंप को लेखक ई. जीन कैरोल के मामले में भी कानूनी चुनौती का सामना करना पड़ा था। कैरोल ने 1990 के दशक में न्यूयॉर्क के एक डिपार्टमेंट स्टोर में ट्रंप पर बलात्कार का आरोप लगाया था। मई 2023 में एक दीवानी जूरी ने ट्रंप को कैरोल के यौन शोषण और मानहानि के लिए जिम्मेदार ठहराया था। हालांकि ट्रंप ने इन आरोपों से इनकार किया था।


