सोनम वांगचुक की चेतावनी- ‘गिरफ्तार लोग रविवार तक नहीं छूटे तो अनशन या पदयात्रा पर विचार करूंगा’

नई दिल्ली, 10 अक्टूबर। लद्दाख के ख्यातिलब्ध सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने शनिवार को केंद्र सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बैनर तले आयोजित प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार लोगों को यदि रविवार तक रिहा नहीं किया गया तो वह अनशन या पदयात्रा पर विचार करने के लिए मजबूर होंगे।

सोनम वांगचुक ने जंतर मंतर पर CJP के प्रदर्शन से जुड़े कई नेताओं और कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी एक वीडियो संदेश में कहा, “भारत में ‘अघोषित इमरजेंसी’ जैसी स्थिति पैदा हो गई है।’’

अपनी पोस्ट में वांगचुक ने लिखा, “INDIA IN A STATE OF UNDECLARED EMERGENCY… कल जब मैंने आज के प्रदर्शन में एकता और शांति की अपील करते हुए संदेश पोस्ट किया था, तो मैंने कभी नहीं सोचा था कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में अघोषित इमरजेंसी जैसे हालात होंगे। मुझे खुशी थी कि आंदोलन को नेतृत्व देने वाले कई नेता हैं, लेकिन अब पता चला कि वे सब गिरफ्तार कर लिए गए हैं। उम्मीद है कि गिरफ्तार लोगों को जल्द रिहा किया जाएगा। अगर कल तक वे रिहा नहीं हुए तो मैं अनशन या पदयात्रा मार्च पर विचार करने के लिए मजबूर हो जाऊंगा।”

पहले भी जंतर मंतर पर अनशन कर चुके हैं वांगचुक

स्मरण रहे कि सोनम वांगचुक जुलाई, 2026 में सीजेपी के जंतर मंतर आंदोलन के प्रमुख चेहरे रहे थे। तब नीट यूजी पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में अनियमितताओं को लेकर प्रदर्शन चल रहा था। वांगचुक ने अनशन शुरू किया था, जिसे 20 दिनों के बाद पुलिस ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर सफदरजंग अस्पताल ले जाकर समाप्त करवाया। उस आंदोलन के दबाव में तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया था।

वांगचुक ने इस बार प्रदर्शन में भाग क्यों नहीं लिया?

वांगचुक ने इस बार के आंदोलन के एक दिन पहले शुक्रवार को स्पष्ट कर दिया था कि वे इस बार दिल्ली नहीं आ पाएंगे। उन्होंने कहा था कि वे लद्दाख में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े काम कर रहे हैं। उन्होंने फैज अहमद फैज की पंक्तियां याद करते हुए कहा था कि राजनीति के अलावा भी दुनिया में कई गम हैं। उन्होंने युवाओं से अहिंसक रहने और नेताओं से एकजुटता बनाए रखने की अपील भी की थी।

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर CJP ने किया था प्रदर्शन का आह्वान

उल्लेखनीय है कि सीजेपी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर शनिवार को दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया था। पार्टी का आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में अनियमितताएं हुई हैं। हालांकि दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी। राजधानी में भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई।

4 पूर्व सीएम सहित हजारों प्रदर्शनकारी गिरफ्तार

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार हजारों लोग हिरासत में लिए गए। सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके, सह-संयोजक सौरव दास और आशुतोष रांका समेत कई नेताओं को दिल्ली एयरपोर्ट पर विमान से उतरते ही हिरासत में ले लिया गया। वहीं अरविंद केजरीवाल, पिनाराई विजयन, ममता बनर्जी व माणिक सरकार के रूप में चार मुख्यमंत्रियों के अलावा ध्रुव राठी, योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण जैसे कई विपक्षी नेता और कार्यकर्ता भी हिरासत में लिए गए।

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