पटना में अलविदा की नमाज के बाद ‘अतीक अहमद अमर रहे’ और ‘मोदी-योगी मुर्दाबाद’ के नारे लगे

पटना, 21 अप्रैल। बिहार की राजधानी पटना में शुक्रवार का अलविदा की नमाज के बाद ‘अतीक अहमद अमर रहे’ और ‘मोदी-योगी मुर्दाबाद’ के नारे लगाए जाने का मामला सामने आया है। पटना स्टेशन के पास स्थित जामा मस्जिद के नजदीक लोगों की एक भीड़ ने माफिया अतीक अहमद के समर्थन में नारे लगाए, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

नारेबाजी में शामिल लोगों ने कहा कि अतीक अहमद और अशरफ की शहादत हुई है। दोनों को योजना के तहत मारा गया है। नारा लगा रहे लोगों का कहना था कि अतीक को अदालत से सजा दिलाकर फांसी पर चढ़ा देते तो हम स्वीकार कर लेते। लेकिन जिस तरह अपराधियों का सहारा लेकर उसे मारा गया, उसके लिए कोर्ट भी जिम्मेदार है।

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गौरतलब है कि माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की 15 अप्रैल की रात प्रयागराज के कॉल्विन अस्पताल परिसर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अतीक और अशरफ को पुलिस अभिरक्षा में मेडिकल के लिए अस्पताल लाया गया था। इसी दौरान मीडियाकर्मी बनकर आए हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर दोनों की हत्या कर दी थी।

बिहार भाजपा ने भी पटना में ‘अतीक अहमद अमर रहे’ के नारे का वीडियो शेयर किया है। बिहार सरकार पर हमला बोलते हुए भाजपा ने कहा है कि जब सरकार में बैठ गए हों नकारे, तो माफियाओं का क्यों ना लगे नारे!

उल्लेखनीय है कि अतीक अहमद का बेटा असद भी 13 अप्रैल को झांसी में यूपी एसटीएफ के साथ एनकाउंटर में मारा गया। असद के साथ शूटर गुलाम को भी एसटीएफ ने ढेर कर दिया। अब पुलिस को अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन की तलाश है, जो अब तक फरार है।

ज्ञातव्य है कि अतीक व अशरफ की पुलिस हिरासत में हुई हत्या के बाद प्रयागराज में कांग्रेस के एक नेता राजकुमार द्वारा गैंगस्टर-राजनेता की कब्र पर भारतीय झंडा फहराने और उसके लिए भारत रत्न की मांग करने का मामला भी सामने आया था। कांग्रेस पार्षद राजकुमार सिंह राजू द्वारा अतीक अहमद की कब्र पर तिरंगा रखने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसके बाद उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने काररवाई करते हुए राजकुमार को मानसिक रूप से कमजोर करार देते हुए पार्टी से बाहर कर दिया था और उसका पार्षदी का टिकट भी काट दिया था।

 

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