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बिहार के शिक्षामंत्री के बयान पर भड़का संत समाज, मंहत परमहंस दास का ऐलान- चंद्रशेखर की जीभ काटने पर 10 करोड़ दूंगा

अयोध्या, 12 जनवरी। तुलसीदास रचित रामचरित मानस पर बिहार के शिक्षामंत्री चंद्रशेखर की विवादित टिप्पणी के बाद से बवाल मच गया है। अयोध्या के संत जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने इसे सनातनियों का अपमान बताया है। परमहंस आचार्य ने चंद्रशेखर की जीभ काटकर लाने वाले को 10 करोड़ का ईनाम देने का विवादित ऐलान भी कर दिया है। उन्होंने कहा कि एक हफ्ते के भीतर मंत्री को अपने बयान पर माफी मांगनी चाहिए। परमहंस आचार्य ने चंद्रशेखर को उनके पद से बर्खास्त करने की भी मांग की है।

उन्होंने कहा, ‘बिहार के शिक्षा मंत्री (चंद्रशेखर) ने जिस तरह से रामचरितमानस ग्रंथ को नफरत फैलाने वाली किताब बताया है, उससे पूरा देश आहत है। यह सभी सनातनियों का अपमान है और मैं इस बयान पर कानूनी कार्रवाई की मांग करता हूं। उन्हें पद से बर्खास्त किया जाना चाहिए।’ उन्होंने कहा कि एक हफ्ते के भीतर मंत्रीजी को माफी मांगनी चाहिए, अगर ऐसा नहीं होता है तो मैं बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर की जीभ काटने वाले को 10 करोड़ रुपये का इनाम देने की घोषणा करता हूं। परमहंस आचार्य ने कहा कि ऐसे बयानों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। रामचरितमानस जोड़ने वाला ग्रंथ है, तोड़ने वाला नहीं। रामचरितमानस मानवता की स्थापना करने वाला ग्रंथ है। यह भारतीय संस्कृति का स्वरूप है। यह हमारे देश का गौरव है। रामचरितमानस पर इस तरह की टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

  • बयान पर संतों में आक्रोश

बिहार सरकार के मंत्री के मानस पर दिए गए विवादित बयान पर संत समुदाय ने कड़ा आक्रोश जताया है। एक अन्य पुजारी ने चंद्रशेखर को असभ्य करार दिया और कहा, ‘बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर एक अशिक्षित और असभ्य व्यक्ति हैं, जो रामचरितमानस के बारे में कुछ नहीं जानते। रामचरितमानस पूरे समाज को जोड़ने के लिए है। राम सबके हैं। राम हर भारतीय की आत्मा हैं।’ उन्होंने बिहार सरकार से मांग की कि शिक्षा मंत्री को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त किया जाए। संत ने कहा कि वे बहुसंख्यक समाज की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का काम कर रहे हैं। इस पर हम सभी को आपत्ति है। भगवान राम मर्यादा के शिखर हैं। उन्होंने पूरी दुनिया को मर्यादा, मानवता और जीवन का पाठ पढ़ाया है।

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