नई दिल्ली, 23 सितम्बर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक संस्कृत सुभाषित साझा करते हुए उन्होंने आयुर्वेद को महज इलाज की पद्धति नहीं, बल्कि स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली का प्रभावी माध्यम बताया।
पीएम मोदी ने देशवासियों से आह्वान किया कि इस समृद्ध विरासत को अपनाने का संकल्प और मजबूत किया जाए। अपने पोस्ट में उन्होंने प्रसिद्ध श्लोक साझा किया।
“हिताहितं सुखं दुःखमायुस्तस्य हिताहितम्।
मानं च तच्च यत्रोक्तमायुर्वेदः स उच्यते।।”
श्लोक का भावार्थ
श्लोक का भावार्थ स्पष्ट करते हुए प्रधानमंत्री ने लिखा कि आयुर्वेद वह शास्त्र है जिसमें बताया गया है कि मनुष्य के लिए कौन-सी जीवनशैली हितकारी या अहितकारी है, सुखमय और दुःखमय जीवन क्या है, स्वस्थ व रोगग्रस्त अवस्था में क्या अंतर है, दीर्घ और स्वस्थ जीवन के लिए क्या अपनाना चाहिए तथा किन बातों से बचना चाहिए। आयु के स्वरूप और प्रमाण का भी इसमें विस्तृत विवेचन मिलता है।
आयुर्वेद दिवस की सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं! आयुर्वेद केवल उपचार की पद्धति नहीं, बल्कि स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली का एक सशक्त माध्यम है। आइए, अपनी इस समृद्ध विरासत को अपनाने का संकल्प और मजबूत करें।
हिताहितं सुखं दुःखमायुस्तस्य हिताहितम्।
मानं च तच्च… pic.twitter.com/HyPXYhhvdD
— Narendra Modi (@narendramodi) September 23, 2026
आयुष मंत्री समेत कई केंद्रीय मंत्रियों ने दी शुभकामनाएं
केंद्रीय राज्य आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से आयुर्वेद को विश्व पटल पर नई पहचान मिली है। अमेरिका और यूरोप में भारतीय आयुर्वेदिक व हर्बल उत्पादों की बढ़ती मांग ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ और समग्र आरोग्य की भारतीय सोच पर वैश्विक भरोसे का प्रमाण है। यह ‘आत्मनिर्भर भारत’ के सामर्थ्य को भी दर्शाता है।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने आयुर्वेद दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमारी प्राचीन स्वास्थ्य परंपरा में आयुर्वेद का विशेष स्थान है। समग्र स्वास्थ्य, रोगों की रोकथाम और स्वस्थ जीवनशैली पर आधारित यह पद्धति आज भी प्रासंगिक है। उन्होंने आयुर्वेद की अमूल्य विरासत को अपनाकर स्वस्थ भारत के संकल्प को सशक्त बनाने का आह्वान किया।
संकल्प लें – आयुर्वेद को अपनाएं
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने प्रधानमंत्री के संदेश को दोहराते हुए कहा कि आयुर्वेद भारत की प्राचीन ऋषि परंपरा की दिव्य धरोहर है। यह केवल रोगों की औषधि नहीं, बल्कि जीवन जीने की समग्र विद्या है। उन्होंने संकल्प लेने को कहा कि आयुर्वेद को अपनी जीवनशैली में शामिल कर स्वस्थ भारत निर्माण में योगदान दिया जाए।
केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने भी शुभकामनाएं व्यक्त करते हुए लिखा कि आयुर्वेद प्राचीन चिकित्सा परंपरा के साथ स्वस्थ जीवनशैली का आधार है। आइए, आयुर्वेद के सिद्धांतों को अपने दैनिक जीवन में अपनाकर स्वस्थ, निरोगी एवं संतुलित जीवन की ओर कदम बढ़ाएं।


