विश्व बैडमिंटन : प्रणय को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ेगा, सेमीफाइनल में थाई स्टार कुनलावुत वितिदसार्न से परास्त

कोपनहेगन, 26 अगस्त। दिग्गज भारतीय शटलर एच एस प्रणय को यहां संघर्षपूर्ण पुरुष एकल सेमीफाइनल में विश्व नंबर तीन थाईलैंड के कुनलावुत वितिदसार्न के हाथों पराजय का सामना करना पड़ा। इसके साथ ही बीडब्ल्यूएफ विश्व बैडमिंटन चैम्पियनशिप से भारतीय चुनौती समाप्त हो गई और विश्व रैंकिंग में नौवें स्थान पर काबिज प्रणय को अब कांस्य पदक से ही संतोष करना पड़ेगा, जो विश्व स्पर्धा में भारत का 14वां पदक है।

पहला गेम जीतने के बाद लय खो बैठे प्रणय

लगभग 24 घंटे पूर्व पिछले दो बार के चैम्पियन और विश्व नंबर एक स्थानीय हीरो विक्टर एक्सेल्सेन पर स्तब्धकारी जीत से पहली बार सेमीफाइनल में पहुंचे नौवें वरीय प्रणय ने शनिवार को रॉयल एरेना के कोर्ट नंबर एक पर पहला गेम जीता, लेकिन इसके बाद कुनलावुत ने शानदार वापसी की और एक घंटा 16 मिनट का मुकाबला 18-21, 21-13, 21-14 से जीत लिया।

प्रणय के खिलाफ कुनलावुत का स्कोर अब 2-0

देखा जाए तो 22 वर्षीय कुनलावुत ने तीन दिनों के भीतर दूसरे भारतीय दिग्गज की विदाई की। उन्होंने गुरुवार को वर्ष 2021 के कांस्य पदक विजेता हमउम्र लक्ष्य सेन हराया था और अब उम्र में नौ वर्ष बड़े प्रणय पर दूसरी मुलाकात में भी श्रेष्ठता सिद्ध की। प्रणय पिछले वर्ष ऑल इंग्लैंड ओपन में अंतिम 32 दौर में भी थाई खिलाड़ी से पहली मुलाकात में हारे थे।

मुकाबले की बात करें तो प्रणय ने पहले गेम में 3-3 की बराबरी के बाद अपनी बढ़त लगातर बनाए रखी। उन्होंने मध्यांतर के समय 11-5 की बढ़त ले रखी थी। लेकन विदितसार्न ने संघर्ष किया और एक समय स्कोर 17-19 कर दिया था, लेकिन प्रणय गेम जीतने में सफल रहे।

दूसरे गेम में भी प्रणय ने एक समय 7-6 की अग्रता ले रखी थी,लेकिन इसके बाद कुनलावुत ने रफ्तार पकड़ ली। आधे समय तक 11-7 की बढ़त के बाद उन्होंने भारतीय खिलाड़ी को सिर्फ और छह अंक दिए। तीसरे गेम में तो 1-1 की बराबरी के बाद कुनलावुत ने प्रणय की एक न चलने दी। उन्होंने 11-7 की बढ़त के बाद आसानी से गेम और मैच जीत लिया।

कुनलावुत लगातार दूसरा फाइनल खेलने वाले सबसे युवा खिलाड़ी

थाई खिलाड़ी की अब रविवार को चतुर्थ वरीय जापानी कोडाई नाराओका से खिताबी टक्कर होगी। नाराओका ने 12वीं सीड डेनमार्क के आंद्रेस एंटोन्सेन को 25-23, 21-12 से शिकस्त दी। वस्तुतः कुनलावुत विश्व चैम्पियनशिप में लगातार दूसरा फाइनल खेलने वाले दुनिया के सबसे कम उम्र खिलाड़ी हैं। उन्हें पिछले वर्ष फाइनल में एक्सेल्सेन ने हराया था। वहीं कुनलावुत व नाराओका की बात करें तो दोनों की अब तक छह बार भिड़ंत हुई है और स्कोर 3-3 बराबर है।

महिला खिताब के लिए एन से यंग व कैरोलिना मारिन भिडेंगी

उधर महिला एकल खिताब के लिए विश्व नंबर एक कोरियाई एन से यंग और स्पेनिश कद्दावर कैरोलिना मारिन की टक्कर होगी। टॉप सीड एन से यंग ने सेमीफाइनल में तीसरी वरीय चीनी स्पर्धी चेन यु फेई को 21-19, 21-15 से मात दी जबकि छठी नामांकित कैरोलिना ने दूसरी सीड जापानी अकाने यामागुची को 23-21, 21-13 से हराया।

कैरोलिन मारिन ने पांच वर्षों बाद फाइनल में प्रवेश किया है। इसके पूर्व वह 2014, 2015 व 2018 में तीन बार विश्व चैम्पियन रह चुकी हैं। खास बात यह है कि सेमीफानल में प्रवेश के बाद मारिन हर बार खिताब जीतकर ही कोर्ट से बाहर निकली हैं।

वहीं एन से यंग विश्व चैम्पियनशिप के 46 वर्षों के इतिहास में फाइनल तक पहुंची सिर्फ दूसरी कोरियाई महिला हैं। कैरोलिना मारिन के खिलाफ उनका मैच रिकार्ड भी 5-4 है। इनमें इस वर्ष इंडोनेशिया मास्टर्स फाइनल और थाईलैंड ओपन सेमीफाइनल सहित पिछले चार मैचों में उनकी जीत शामिल है।

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