PM मोदी का विकास मंत्र: तकनीक और डेटा का लाभ हर व्यक्ति तक पहुंचे, 10 साल में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर

नई दिल्ली, 13 अक्टूबर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तकनीक, डेटा और इनोवेशन के दौर में विकास का नया नजरिया पेश करते हुए कहा कि किसी भी ताकत की असली अहमियत इस बात से तय होती है कि उसका इस्तेमाल किस उद्देश्य के लिए किया जा रहा है। तकनीक का लाभ अगर कुछ लोगों तक ही सीमित रह जाता है, तो उसका वास्तविक उद्देश्य पूरा नहीं होता। इसका मकसद लाखों लोगों के लिए नए अवसर पैदा करना और उनकी क्षमताओं को बढ़ाना होना चाहिए। भारत में पहली बार आयोजित ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज तकनीक, डेटा, ज्ञान और नवाचार दुनिया की बड़ी ताकत बन चुके हैं। ऐसे में सबसे अहम सवाल यह है कि इनका इस्तेमाल केवल कुछ लोगों को आगे बढ़ाने के लिए किया जा रहा है या इनके जरिए समाज के बड़े वर्ग को भी विकास के अवसर मिल रहे हैं।

नागरिकों को सशक्त बनाना सरकार का उद्देश्य

पीएम मोदी ने कहा कि सरकार के पास अधिकार और संसाधन होते हैं, लेकिन उनका उद्देश्य नागरिकों को व्यवस्था पर निर्भर बनाना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना होना चाहिए। भारत इसी सोच के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि तकनीक और शासन व्यवस्था का इस्तेमाल लोगों की जिंदगी को बेहतर बनाने और उनकी क्षमताओं को बढ़ाने के लिए किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने पिछले दस वर्षों में भारत की गरीबी उन्मूलन की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि इस अवधि में 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया है। उन्होंने इसे देश में हो रहे बदलावों और लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयासों का महत्वपूर्ण उदाहरण बताया।

ताकत का सही इस्तेमाल ही उसकी असली पहचान

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि किसी व्यक्ति या संस्था के पास कितना ज्ञान, धन या ताकत है, इससे ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि वह उसका इस्तेमाल किस उद्देश्य के लिए करता है। ताकत की वास्तविक कीमत उसके सकारात्मक और जनहितकारी उपयोग में है।

उन्होंने भारत की हजारों साल पुरानी परंपराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की सांस्कृतिक विरासत भी इसी विचार पर जोर देती है। भारत ने अपनी शासन व्यवस्था और काम करने के तरीकों में इस सोच को अपनाने का प्रयास किया है, ताकि विकास का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके।

पहली बार भारत में आयोजित हुआ ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम

पीएम मोदी ने ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि यह मंच हर साल दुनिया के प्रमुख विचारकों को एक साथ लाता है। उन्होंने पहली बार भारत में इस आयोजन के लिए ब्लूमबर्ग और उसकी टीम को बधाई दी। प्रधानमंत्री के संबोधन का मुख्य संदेश यही रहा कि तकनीक, डेटा, ज्ञान और नवाचार की वास्तविक सफलता तभी है, जब इनका लाभ समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंचे और लोगों को नए अवसरों के साथ आत्मनिर्भर बनने का मौका मिले।

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