पीएम मोदी ने दिल्ली में इमारत गिरने से हुई मौतों पर जताया शोक, घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की

नई दिल्ली, 6 सितम्बर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को दक्षिणी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में इमारत गिरने से हुई मौतों पर दुख जताया और इस घटना को ‘दुखद’ बताया। उन्होंने साथ ही घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।

प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने पीएम मोदी के हवाले से कहा, ‘दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत का गिरना दुखद है। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति संवेदना। घायलों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना करता हूं। अधिकारी घटनास्थल पर काम कर रहे हैं और हादसे से प्रभावित लोगों की मदद कर रहे हैं।’

PG हादसे में 5 लोगों की मौत, 5 घायलों में 2 की हालत गंभीर

गौरतलब है कि रविवार की दोपहर दिल्ली के साउथ कैंपस पुलिस स्टेशन इलाके के सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत गिरने से 5 लोगों की मौत हो गई। इस इमारत में पेइंग गेस्ट (PG) अकोमोडेशन था, जहां दिल्ली यूनिवर्सिटी के कई कॉलेजों के छात्र रह रहे थे। अब तक मलबे से 5 घायल छात्रों को निकालकर इलाज के लिए एम्स (AIIMS) और सफदरजंग अस्पताल भेजा गया है। एम्स अधिकारियों के मुताबिक, चार घायलों को वहां भर्ती कराया गया है, जिनमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। आशंका है कि मलबे के नीचे कई और लोग फंसे हो सकते हैं।

गृह मंत्री शाह ने सीएम रेखा गुप्ता सहित संबंधित अधिकारियों से बात की

वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी इस घटना को ‘बेहद दुखद’ बताया और भरोसा दिलाया कि घायलों को हर संभव मदद दी जाएगी। उन्होंने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार और नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) के डायरेक्टर जनरल पीयूष आनंद से भी बात की और जमीनी हालात का जायजा लिया।

शाह ने ‘X’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘स्थानीय प्रशासन और एनडीआरएफ मिलकर तेज़ी से बचाव कार्य कर रहे हैं। घायलों को हर ज़रूरी मेडिकल मदद दी जा रही है। सभी घायलों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना करता हूं।’

एनडीआरएफ की दो टीमें मौके पर, दो टीमें स्टैंडबाय पर

इस बीच एनडीआरएफ की दो टीमें मौके पर मौजूद हैं, जबकि दो अन्य टीमों को स्टैंडबाय पर रखा गया है। NDRF ने एक बयान में कहा कि उसके 70 ‘अच्छी तरह से प्रशिक्षित’ जवान बचाव अभियान में शामिल हैं और वे ‘कोलैप्स्ड स्ट्रक्चर सर्च एंड रेस्क्यू इक्विपमेंट’ (गिरी हुई इमारतों के मलबे में खोज और बचाव के उपकरण) का इस्तेमाल कर रहे हैं।

इसके अलावा, खोजी कुत्तों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है और चश्मदीदों से मौके की जानकारी ली गई है। 16वीं बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर (CO) सुनील सिंह और डीआईजी (ऑपरेशन्स) सतविंदर सिंह सूदन जैसे वरिष्ठ अधिकारी भी वहां मौजूद हैं और बचाव अभियान की निगरानी कर रहे हैं।

एनडीआरएफ ने बयान में कहा, ‘एनडीआरएफ तोड़ने और काटने वाले उपकरण, डायमंड चेन सॉ, शोरिंग उपकरण जैसे कि मज़बूत इन्फ्लेटेबल बैग, हाइड्रोलिक जैक, कॉम्बी कटर, कटर, प्लाज़्मा कटर आदि का इस्तेमाल कर रही है। लोगों का पता लगाने के लिए लाइफ डिटेक्टर और खोजी कुत्तों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। एनडीआरएफ ज़रूरत पड़ने पर रोटेशन के लिए साइट के पास दो टीमों को स्टैंडबाय पर और बदलने के लिए दो अतिरिक्त टीमों को तैयार रख रही है।’

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