सात्विक व चिराग बोले- चाइना मास्टर्स में खिताबी जीत ने एशियाई खेलों से पहले बढ़ाया मनोबल

शेनझेन (चीन), 6 सितम्बर। चाइना मास्टर्स में रविवार को पहली खिताबी जीत से उत्साहिस सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी व चिराग शेट्टी ने कहा कि कोर्ट पर ‘सोची-समझी आक्रामकता’ बनाए रखने से उन्हें उपाधि जीतने में मदद मिली और इस जीत ने आगामी एशियाई खेलों से पहले उनका मनोबल काफी बढ़ाया है। ज्ञातव्य है कि 19 सितम्बर से जापान में शुरू हो रहे एशियाई खेलों में सात्विक-चिराग अपने स्वर्ण पदक की रक्षा करने उतरेंगे।

उल्लेखनीय है कि विश्व रैंकिंग में पांचवें क्रम पर काबिज भारतीय जोड़ी ने यहां शेनझेन एरेना के कोर्ट नंबर एक पर शानदार वापसी करते हुए चीन के हे जी टिंग और रेन झियांग यु को 11-21, 21-13, 21-17 से हराकर यहां फाइनल के अपने तीसरे प्रयास में 12,50,000 डॉलर ईनामी सुपर 750 टूर्नामेंट का खिताब जीता। यह 2026 सत्र का उनका दूसरा और इस प्रतियोगिता का पहला खिताब है।

चोट से वापसी के बाद हमने हमेशा यहां अच्छा प्रदर्शन किया है – सात्विक

आंध्र प्रदेश के 26 वर्षीय दिग्गज शटलर सात्विक ने मैच के बाद कहा, ‘यहां खेलना हमेशा अच्छा रहता है। चोट से वापसी करने के बाद हमने हमेशा यहां अच्छा प्रदर्शन किया है। 2024 में पेरिस ओलम्पिक के बाद हम यहां खेले और सेमीफाइनल में पहुंचे। पिछले वर्ष जब हम यहां खेले, तब हम पूरी तरह फिट नहीं थे, फिर भी हम फाइनल तक पहुंचे। इस बार भी चोट से उबरने के बाद इस टूर्नामेंट ने हमें काफी आत्मविश्वास दिया है। इस हफ्ते की कहानी भी वैसी ही रही। पहले दौर को छोड़कर हमारे सभी मुकाबले तीन गेम तक खिंचे।’

‘हम वर्ष 2026 का अपना दूसरा खिताब जीतकर बेहद खुश हैं’

फाइनल के बारे में सात्विक ने कहा, ‘आज हमने धैर्य बनाए रखा और आखिरी पलों में आसान गलतियां नहीं कीं। मैच का यह सबसे सकारात्मक पहलू रहा। हम बस अपनी रणनीति पर टिके रहे। टूर्नामेंट में आने से पहले हमने जो योजना बनाई थी, हम उसी पर अमल करना चाहते थे। अगर यह काम करता है तो अच्छा है नहीं तो हम वापस जाकर फिर से मेहनत करेंगे। मुझे लगता है कि इस रणनीति ने आज काम किया और हम बेहद खुश हैं। हम इस गतिरोध को तोड़ने और वर्ष 2026 का अपना दूसरा खिताब जीतकर बेहद खुश हैं।’

चिराग बोले – ‘हम एशियाई खेलों में पूरी ताकत से उतरेंगे’

वहीं एशियाई खेलों के बारे में 29 वर्षीय मुंबइया शटलर चिराग ने कहा, ‘यह बेहद खास अहसास है। एशियाई खेलों में जाने से ठीक पहले खिताब जीतने से निश्चित रूप से बड़ा बढ़ावा मिलता है। इससे साबित होता है कि हम सही दिशा में मेहनत कर रहे हैं।’ उन्होंने कहा, ‘अब हम स्वदेश लौटकर अगले 10 दिनों तक पूरी ताकत झोंक देंगे और एशियाई खेलों में पूरी ताकत के साथ उतरेंगे। हम वहां बिना किसी दबाव के अपने खेल का लुत्फ उठाना चाहते हैं।’

‘पहले गेम में हम सही स्ट्रोक नहीं खेल पा रहे थे’

पहले गेम में आक्रामकता की कमी के सवाल पर चिराग ने कहा कि समस्या शॉट चयन की थी। उन्होंने कहा, ‘पहले गेम में आक्रामकता की कमी नहीं थी बल्कि हम सही स्ट्रोक नहीं खेल पा रहे थे। हम ऐसी शैली में खेल रहे थे, जो उनके अनुकूल थी। जब आप चीन के खिलाड़ियों के मनमुताबिक खेलते हैं तो वे बेहद तेज और आक्रामक हो जाते हैं। वे इतने फुर्तीले होते हैं कि आपको संभलने का मौका नहीं देते। इसलिए दूसरे गेम में जब हमने शुरुआत की तो हम आक्रामक तो होना चाहते थे, लेकिन सोची-समझी रणनीति के साथ। हमारे कोच भी यही कह रहे थे।’

कंधे की चोट से उबरने के दौरान सर्विस और रिटर्न को काफी सुधारा – सात्विक

मैच के दौरान अपनी फ्लिक सर्व से कई अंक बटोरने वाले सात्विक ने बताया कि कंधे की चोट से उबरने के दौरान उन्होंने अपनी सर्विस और रिटर्न को काफी सुधारा है। इस चोट ने उन्हें इस सत्र में काफी परेशान किया था। उन्होंने कहा, ‘ऐसा बहुत कम होता है, जब मुझे अपनी सर्विस पर पांच अंक मिलें। आमतौर पर चिराग ही गेम को आगे बढ़ाते हैं। क्वार्टर फाइनल में किम-एंडर्स के खिलाफ मैच ने मुझे काफी आत्मविश्वास दिया।’

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