विश्व लिवर दिवस : अमित शाह ने युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का दिया मंत्र – ‘मैं नहीं लेता दवा या इंसुलिन’

नई दिल्ली, 19 अप्रैल। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश के युवाओं से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का अपना व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए अपने बेहतर स्वास्थ्य का श्रेय नियमित व्यायाम, उचित नींद और आहार को दिया। उन्होंने साथ ही युवाओं से बेहतर भविष्य के लिए शारीरिक गतिविधि और आराम को प्राथमिकता देने का आग्रह किया।

दरअसल, विश्व लिवर दिवस के अवसर पर आज दिल्ली के उप राज्यपाल विनय सक्सेना और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की मौजूदगी में अमित शाह ने लिवर व पित्त विज्ञान संस्थान (ILBS) में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ये विचार व्यक्त किए।

अमित शाह ने कहा कि मई 2020 से लेकर उन्होंने आज तक अपने जीवन में बहुत बड़ा बदलाव किया। आवश्यक मात्रा में नींद, पानी, आहार और नियमित व्यायाम ने उनको बहुत कुछ दिया है। उन्होंने कहा कि आज भी वह किसी भी तरह की दवा और इंसुलिन नहीं लेते।

शाह ने कहा, “देश के युवाओं को अभी 40-50 साल और जीना है और देश की प्रगति में योगदान देना है। मैं उनसे अनुरोध करता हूं कि वे अपने शरीर के लिए दो घंटे व्यायाम और अपने मस्तिष्क के लिए छह घंटे की नींद समर्पित करें। यह बेहद उपयोगी होगा। यह मेरा अपना अनुभव है।’

स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी – सीएम रेखा गुप्ता

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, ‘आज लिवर दिवस के अवसर पर हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि हमारा पूरा देश स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए तैयार रहे और किसी को भी स्वास्थ्य सुविधाएं पाने के लिए संघर्ष न करना पड़े… यह सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है कि भारत में, विशेष रूप से दिल्ली में, उचित स्वास्थ्य बुनियादी ढांचा उपलब्ध हो। हमारी राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली सिर्फ दिल्ली के लोगों के इलाज के लिए नहीं है। पूरे देश और दुनिया से लोग यहां आते हैं।’

आईएलबीएस ने देश-विदेश में बनाई अपनी पहचान – एलजी सक्सेना

वहीं उप राज्यपाल वी.के. सक्सेना ने स्वास्थ्य सेवा पर नई दिल्ली सरकार के फोकस पर प्रकाश डाला। साथ ही स्वास्थ्य सेवा वितरण में दिल्ली के पिछड़ने के लिए पिछली नीतियों की आलोचना की। वी.के. सक्सेना ने कहा, ‘आईएलबीएस एकमात्र ऐसा संस्थान है, जिसने देश और विदेश में अपनी पहचान बनाई है। आईएलबीएस को एक दशक से अधिक समय से विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा लिवर रोगों के लिए सहयोगात्मक केंद्र के रूप में मान्यता दी गई है। फैटी लिवर रोग अब न केवल दिल्ली जैसे महानगर में बल्कि भारत के अन्य शहरों में भी एक मूक महामारी के रूप में बढ़ रहा है।’

हर वर्ष 19 अप्रैल को विश्व लिवर डे मनाया जाता है

उल्लेखनीय है कि हर वर्ष 19 अप्रैल को विश्व लिवर डे मनाया जाता है। इसकी शुरुआत 1996 में यूरोपियन एसोसिएशन फॉर द स्टडी ऑफ द लिवर ने की थी। लिवर अगर एक बार खराब हो जाए तो उसका इलाज मुश्किल और महंगा हो सकता है। विश्व लिवर दिवस से जागरूकता फैलायी जाती है कि जीवन शैली में एक छोटा सा बदलाव करके स्वस्थ रह सकते हैं।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular