अमेरिका-ईरान समझौते के बाद तेल की कीमतों में भारी गिरावट, होर्मुज स्ट्रेट फिर खुलेगा

नई दिल्ली, 15 जून। अमेरिका और ईरान के बीच हुए ऐतिहासिक शांति समझौते की घोषणा के बाद वैश्विक तेल बाजार में भारी उथल-पुथल मच गई है। समझौते के तुरंत बाद एशियाई बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पुष्टि की कि इस डील के तहत दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोल दिया जाएगा।

तेल की कीमतों पर असर

समझौते की खबर आते ही कच्चे तेल के दोनों प्रमुख मानकों में गिरावट आई:

ब्रेंट क्रूड: 3.8% गिरकर 84.02 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

डब्ल्यूटीआई क्रूड: 4.1% की गिरावट के साथ 81.40 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।

युद्ध शुरू होने से पहले ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास थी, जो तनाव के चरम पर 120 डॉलर तक पहुंच गई थी। अब बाजार में राहत की लहर है।

समझौते की डिटेल्स

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के मुताबिक, इस समझौते पर आधिकारिक हस्ताक्षर 19 जून को स्विट्जरलैंड में होंगे। राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा, “क्षेत्र में तेल की निर्बाध आवाजाही फिर शुरू होगी।”

होर्मुज स्ट्रेट क्यों महत्वपूर्ण है?

1- फरवरी से बंद: अमेरिका-इजराइल के हवाई हमलों के बाद ईरान ने 28 फरवरी से इस जलडमरूमध्य को प्रभावी रूप से बंद कर दिया था।

2- वैश्विक आपूर्ति का 20%: दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत कच्चा तेल और LNG इसी रास्ते से गुजरता है।

इसके खुलने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति सामान्य होने की उम्मीद है, जिससे ईंधन की कमी की आशंका दूर हो गई है और आम उपभोक्ताओं को महंगाई से राहत मिल सकती है।

यह समझौता न सिर्फ तेल बाजार को स्थिर करने वाला है, बल्कि क्षेत्र में लंबे समय से चले आ रहे संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। बाजार अब आधिकारिक हस्ताक्षर और होर्मुज स्ट्रेट के व्यावहारिक रूप से खुलने का इंतजार कर रहा है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular