नेहा बोरा का पीस बॉण्ड पर हस्ताक्षर से इनकार, SEM कोर्ट ने सौंपे जांच से जुड़े दस्तावेज, 29 अक्टूबर को अगली सुनवाई

नई दिल्ली, 24 अक्टूबर। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा ने किसी भी ऐसे पीस बॉण्ड पर हस्ताक्षर से इनकार कर दिया है, जिसे उऩका संगठन विरोध-प्रदर्शन के अधिकार पर रोक लगाने का माध्यम मानता है। हालांकि आइसा का कहना है कि वह कानूनी प्रक्रिया में सहयोग करेगी।

इस बीच नेहा बोरा के पीस बॉण्ड मामले में मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन स्थित स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) कोर्ट में अगली सुनवाई 29 अक्टूबर को होगी। AISA के अनुसार दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देश के बाद SEM कोर्ट ने नेहा को उनके खिलाफ जांच से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध करा दिए हैं। नेहा के खिलाफ शांति भंग होने की आशंका के आधार पर कारण बताओ नोटिस जारी की गई थी। इस कार्रवाई को AISA ने दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी थी।

संगठन ने नोटिस जारी करने की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि नेहा को उन दस्तावेजों की जानकारी नहीं दी गई थी, जिनके आधार पर शांति भंग होने की आशंका जताई गई। संगठन के अनुसार, 22 अक्टूबर को दिल्ली हाई कोर्ट में इस मामले पर सुनवाई हुई।

हाई कोर्ट ने फिलहाल नोटिस को रद नहीं किया और मामले के गुण-दोष पर निर्णय नहीं दिया। हालांकि, संगठन ने कोर्ट के आदेश के पैरा 38 का हवाला देते हुए कहा कि इसमें प्रक्रिया से जुड़ी कमियों का जिक्र किया गया है और SEM कोर्ट को जांच से संबंधित सभी दस्तावेज उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।

कलंदर नहीं मिलने पर उठाए थे सवाल

AISA ने हाई कोर्ट में दलील दी थी कि नेहा को मामले से संबंधित कलंदर उपलब्ध नहीं कराया गया। संगठन का कहना था कि दस्तावेजों के अभाव में नेहा को यह स्पष्ट जानकारी नहीं थी कि उनके खिलाफ काररवाई किस आधार पर की जा रही है और उन्हें सुनवाई के लिए क्यों बुलाया गया है। संगठन के अनुसार हाई कोर्ट के निर्देश के बाद SEM कोर्ट ने अब जांच से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध करा दिए हैं। इससे नेहा को मामले में लगाए गए आरोपों और काररवाई के आधार को समझने का अवसर मिलेगा।

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