लखनऊ, 21 सितंबर। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने समाजवादी पार्टी (सपा) और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा है। मायावती ने सपा के प्रचारित ‘PDA रथ’ के रंग को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि इसमें सपा के पारंपरिक लाल रंग की तुलना में भाजपा-आरएसएस से जुड़ा भगवा रंग अधिक नजर आ रहा है। मायावती ने सोशल मीडिया पर सिलसिलेवार पोस्ट कर सवाल किया कि क्या यह चुनावी लाभ के लिए सपा की रणनीति में बदलाव का संकेत है या फिर पार्टी का मुस्लिम मतदाताओं पर भरोसा पहले जैसा नहीं रहा। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब सपा आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर ‘PDA रथ’ अभियान की तैयारी कर रही है।
‘PDA रथ’ के रंग को लेकर मायावती का सवाल
मायावती ने अपने पोस्ट में कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी के लिए सपा प्रमुख का प्रचारित ‘PDA रथ’ सपा के लाल रंग से कम और आरएसएस-भाजपा के भगवा रंग से ज्यादा प्रभावित दिखाई देता है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह वोटों के लिए लगातार राजनीतिक रंग बदलने की रणनीति है या फिर सपा प्रमुख का मुस्लिम मतदाताओं से समर्थन हासिल करने का भरोसा कम हो गया है। मायावती की यह टिप्पणी सपा के उस अभियान को लेकर है, जिसके तहत पार्टी ‘PDA’ के जरिए पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों तक अपना राजनीतिक संदेश पहुंचाने की तैयारी कर रही है।
मुस्लिम वोटों को लेकर भी मायावती ने साधा निशाना
बसपा प्रमुख ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश के मुस्लिम समाज के एक हिस्से को पिछले चुनावों के अनुभवों से यह सवाल उठ रहा है कि सपा को समर्थन देने के बावजूद भाजपा को सत्ता से रोकने में पार्टी सफल नहीं रही। मायावती ने अपने बयान में यह भी दावा किया कि मुस्लिम समाज का एक वर्ग अब सपा को बार-बार समर्थन देने को लेकर विचार कर रहा है और उसका रुख बसपा की ओर बदल रहा है। यह मायावती का राजनीतिक दावा है; इसके समर्थन में उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में किसी स्वतंत्र सर्वे या आंकड़े का उल्लेख नहीं किया।
ब्राह्मण समाज का भी किया जिक्र
मायावती ने अपने पोस्ट में मुस्लिम समाज के साथ ब्राह्मण समाज का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि जिस तरह मुस्लिम मतदाताओं के बीच सपा को समर्थन देने को लेकर सवाल उठ रहे हैं, उसी तरह ब्राह्मण समाज का रुख भी बसपा की ओर बदल रहा है। हालांकि, ये दोनों दावे बसपा प्रमुख के राजनीतिक आकलन हैं और इन्हें स्वतंत्र मतदाता सर्वेक्षण के निष्कर्ष के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
‘PDA’ की परिभाषा पर भी सवाल
मायावती ने अखिलेश यादव और सपा से ‘PDA’ की वास्तविकता स्पष्ट करने को कहा। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा ने अलग-अलग समय पर ‘PDA’ की अलग-अलग व्याख्या की है।मायावती ने अपने पोस्ट में सपा पर चुनावी जरूरत के हिसाब से ‘PDA’ की व्याख्या बदलने का आरोप लगाया। उन्होंने सपा नेताओं के नीले रंग के कपड़े पहनने और खुद को अंबेडकरवादी दिखाने की कोशिश का भी उल्लेख किया और इसे लेकर आलोचना की।
बसपा की ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ नीति का जिक्र
अपने बयान के अंत में मायावती ने बसपा की राजनीतिक विचारधारा और शासन के पुराने रिकॉर्ड का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बसपा ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ की नीति और सिद्धांतों पर चलने वाली अंबेडकरवादी पार्टी है।मायावती ने दावा किया कि बसपा सरकारों के दौरान उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था, जनहित, जनकल्याण और विकास के क्षेत्र में काम किया गया। उन्होंने कहा कि प्रदेश को सभी वर्गों के हित और कल्याण पर केंद्रित शासन की जरूरत है।
24 सितंबर से शुरू हो सकता है सपा का PDA रथ अभियान
इस बीच, सपा आगामी विधानसभा चुनाव के लिए ‘PDA रथ’ अभियान की तैयारियों में जुटी है। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक अखिलेश यादव 24 सितंबर को रायबरेली में इस अभियान से जुड़ी गतिविधियों में शामिल होंगे। सपा की तैयारियों के बीच ‘PDA रथ’ का रंग भी राजनीतिक चर्चा का विषय बना हुआ है।


