
केजरीवाल की केंद्र से मांग : अरबपतियों के ऋण माफ किए जाने पर प्रतिबंध लगाने वाला कानून बनाएं
नई दिल्ली, 28 जनवरी। आम आदमी पार्टी (आप) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मांग की है कि अरबपतियों को दिए गए कर्ज को माफ करने पर रोक लगाने के लिए देशव्यापी कानून बनाया जाए।
केजरीवाल ने मंगलवार को एक संवाददाता सम्मेलन में केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार हजारों करोड़ रुपये के कॉरपोरेट ऋण माफ करके अमीरों को तरजीह दे रही है। उन्होंने दावा किया कि इस तरह के चलन से आम नागरिकों पर अत्यधिक करों का बोझ पड़ता है जबकि अमीरों को फायदा होता है।
केंद्र सरकार सारा सरकारी खजाना अपने अरबपति मित्रों पर लुटा रही है
♦️ केंद्र की BJP सरकार अपने अरबपति मित्रों को कर्ज़ दे रही है और बाद में उन्हें माफ कर रही है
♦️पिछले 5 साल में केंद्र सरकार ने 400-500 अरबपतियों के 10 लाख करोड़ रुपए के कर्ज़ माफ किए
♦️ केंद्र सरकार जनता के… pic.twitter.com/e42sgVFjQd
— AAP (@AamAadmiParty) January 28, 2025
केजरीवाल ने कहा, ‘आम लोग अपनी आधी तनख्वाह कर के रूप में दे रहे हैं जबकि अमीरों के कर्ज माफ किए जा रहे हैं। केंद्र सरकार आम नागरिकों के गृह ऋण, कार ऋण या अन्य वित्तीय बोझ क्यों माफ नहीं करती?’ उन्होंने कहा कि अगर अरबपतियों का कर्ज माफ करना बंद कर दिया जाए तो सरकार आयकर और माल एवं सेवा कर (जीएसटी) की दरें आधी करने, कर योग्य आय सीमा को दोगुना करने और आवश्यक वस्तुओं पर जीएसटी समाप्त करने में सक्षम हो सकती है।
उन्होंने कहा, ‘यह एक बहुत बड़ा घोटाला है और इसे खत्म करने का समय आ गया है।’ दिल्ली विधानसभा चुनाव पांच फरवरी को होने हैं और नतीजे आठ फरवरी को घोषित किए जाएंगे। ‘आप’ लगातार तीसरी बार सत्ता में आने की कोशिश कर रही है। उसने 2020 में पिछले विधानसभा चुनाव में 70 में से 62 सीट जीतकर शानदार जीत हासिल की थी।