जयराम रमेश का आरोप- सर्वदलीय बैठक महज औपचारिकता है, बातचीत से कोई नतीजा नहीं

नई दिल्ली, 30 नवंबर। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने रविवार को आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा संसद के शीतकालीन सत्र से एक दिन पहले बुलाई गई सर्वदलीय बैठक महज एक औपचारिकता है। रमेश ने कहा कि विपक्ष से विचार विमर्श के बिना ही एक विषय पर अल्पकालिक चर्चा का फैसला कर लिया गया।

कांग्रेस नेता ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “कल से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र के एजेंडे पर चर्चा के लिए मोदी सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक महज औपचारिकता है। 15 दिनों का यह सत्र संसदीय इतिहास का सबसे छोटा सत्र होगा।” उन्होंने कहा, “मोदी सरकार ने 13 विधेयकों को पारित कराने के लिए सूचीबद्ध किया है। इनमें से एक अध्यादेश की जगह लेता है और दो लोकसभा की समिति के माध्यम से पारित हो चुके हैं। इसलिए संबंधित स्थायी समिति द्वारा दस विधेयकों की जांच नहीं की गई है।”

रमेश का कहना है कि निःसंदेह यह संभव है कि वर्तमान में सूचीबद्ध नहीं किया गया विधेयक अचानक संक्षिप्त सत्र के आंख़िर में पेश किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार ने विपक्ष के साथ बिना किसी परामर्श के एक विषय को अल्पकालिक चर्चा के लिए सूचीबद्ध करके अपने इरादे स्पष्ट कर दिए हैं।

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