नागोया, 21 अक्टूबर। भारतीय एथलीटों ने यहां पांचवें एशियाई पैरा खेलों (Aichi-
Nagoya 2026 Asian Para Games) के तीसरे दिन बुधवार को भी एथलेटिक्स एथलेटिक्स मुकाबलों में पदक बटोरो अभियान जारी रखा और आयुष वर्मा, प्रवीण कुमार व सचिन खिलारी की अगुआई में तीन स्वर्ण व पांच रजत सहित 12 पदक जीते। आयुष वर्मा ने पुरुषों की गोला प्रक्षेप (शॉट पट) एफ53 स्पर्धा में भारत को दिन का पहला पैरा-एथलेटिक्स स्वर्ण पदक दिलाया। इसके बाद प्रवीण कुमार (पुरुषों की ऊंची कूद टी44/64) और सचिन खिलारी (पुरुषों के शॉट पुट एफ46) ने बाजी मारी।
सुबह के सत्र में बंटी (पुरुषों की ऊंची कूद टी44/64), भाग्यश्री जाधव (महिलाओं की शॉट पट एफ34), मोहम्मद यासर (पुरुषों की शॉट पट एफ46) और मनजीत (पुरुषों की भाला फेंक एफ12/13) ने रजत पदक हासिल किए। वहीं अनुभव चौधरी (पुरुषों की 100 मीटर टी35), परवीन (पुरुषों की शॉट पुट एफ46) और राकेशभाई भट्ट (पुरुषों की 100 मीटर टी37) ने कांस्य पदक जीते।
3 दिनों में 11 स्वर्ण सहित 32 पदक जीत चुके हैं पैरा एथलीट
प्रतियोगिता के दूसरे दिन मंगलवार को भारत ने एथलेटिक्स में पांच स्वर्ण पदक सहित 14 पदक जीते थे। इस प्रकार भारतीय पैरा एथलीट तीन दिनों में अब तक 11 स्वर्ण, 11 रजत व 10 कांस्य सहित कुल 32 पदक जीत चुके हैं।
आयुष ने लगातार दूसरे दिन जीता पदक
आयुष की बात करें तो मौजूदा खेलों में यह उनका दूसरा पदक था। उन्होंने मंगलवार को पुरुषों की भाला फेंक एफ53/एफ54 स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था। आयुष ने अपने पांचवें प्रयास में 8.16 मीटर का थ्रो करके पहला स्थान हासिल किया। ईरान के अलीरेज़ा हेमामी 8.09 मीटर के साथ दूसरे जबकि कंजाकिस्तान के मखाम्बेट सेरिक्कालियेव 6.81 मीटर के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
AYUSH VERMA SOARS TO THE PODIUM! 🇮🇳🥉🔥
Men’s Shot Put F53 – FinalThe fight for glory continues for India at the #AsianParaGames2026! 💪🏟️
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— SAI Media (@Media_SAI) October 21, 2026
एफ53 उन एथलीटों के लिए है जिनकी धड़ और पैरों की गति अत्यधिक जबकि हाथों की पकड़ कम प्रभावित होती है। वे बैठकर प्रतिस्पर्धा करते हैं और अपनी छाती, ऊपरी पीठ और कंधों का उपयोग करके ताकत लगाते हैं।
प्रवीण कुमार ने नए रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक का बचाव किया
प्रवीण कुमार ने पुरुषों की ऊंची कूद टी44/64 स्पर्धा में खेलों के नए रिकॉर्ड के साथ अपने स्वर्ण पदक का बचाव किया जबकि बंटी ने इसी स्पर्धा में रजत पदक हासिल किया। प्रवीण ने 2.05 मीटर की कूद लगाई जबकि बंटी ने 1.92 मीटर की कूद के साथ दूसरे स्थान पर रहे। उज्बेकिस्तान के तेमुरबेक गियाजोव (1.86 मीटर) कांस्य पदक मिला।
GOLD DEFENDED, GAMES RECORD SHATTERED! 🇮🇳🥇🔥
Men’s High Jump T64 – Final
Praveen Kumar takes Indian Para Athletics to new heights at the #AsianParaGames2026! 💪🏆
TOPS athlete Praveen Kumar clinched GOLD 🥇 with a phenomenal jump of 2.05m, setting a NEW GAMES RECORD and surpassing his previous mark of 2.02m! 🚀
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प्रवीण ने बाद में कहा, ‘दो सप्ताह पहले तक मेरी तबीयत ठीक नहीं थी और मैं सोच रहा था कि मैं अपने स्वर्ण पदक का बचाव कैसे करूंगा। उसके बाद मैं एक हफ्ते तक आराम करता रहा, लेकिन मेरा शरीर मजबूत नहीं था। लेकिन अगर आपको देश के लिए स्वर्ण पदक जीतना है तो फिर बीमारी रोड़ा नहीं बन सकती।’
GOLD & SILVER GLORY FOR INDIA! 🇮🇳🥇🥈
ASIAN PARA GAMES 2026 | #Cheer4Bharat
Praveen Kumar and Banti shine on the continental stage, bringing pride to the nation with their outstanding performances! 🇮🇳✨
🥇 Praveen Kumar- GOLD
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टी64 और टी44 वर्ग के एथलीट अक्सर संयुक्त स्पर्धा में एक साथ प्रतिस्पर्धा करते हैं क्योंकि विश्व पैरा एथलेटिक्स पर्याप्त प्रतियोगियों और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करने के लिए निचले अंगों के वर्गों को एक समूह में रखता है। टी64 उन एथलीटों के लिए है जो कृत्रिम निचले अंगों का उपयोग करते हैं, जबकि टी44 उन एथलीटों के लिए है जो निचले अंगों से दिव्यांग होते हैं लेकिन वह कृत्रिम अंगों का उपयोग नहीं करते हैं।
उत्तर प्रदेश के गोविंदगढ़ गांव के रहने वाले प्रवीण ने नई दिल्ली में 2025 विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में कांस्य पदक भी जीता था। जन्म से ही शारीरिक रूप से विकलांग (एक पैर दूसरे से छोटा) होने के बावजूद वह बचपन से ही एथलेटिक्स से जुड़ गए थे।
पुरुषों की शॉट पट एफ46 स्पर्धा में भारत का क्लीन स्वीप
सचिन सरजेराव खिलारी ने पुरुषों की शॉट पट एफ46 स्पर्धा में खेलों के नए रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता जबकि भारतीय खिलाड़ियों ने इस स्पर्धा में क्लीन स्वीप किया। पेरिस पैरालम्पिक में रजत पदक जीतने वाले सचिन ने इस तरह से पिछले एशियाई पैरा खेलों में जीते गए अपने स्वर्ण पदक का अच्छी तरह से बचाव किया।
THREE ATHLETES. THREE MEDALS. ONE PROUD NATION! 🇮🇳🥇🥈🥉🔥
ASIAN PARA GAMES 2026 | MEN’S SHOT PUT F46
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🥈 Mohd Yasser – SILVER
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सचिन खिलारी ने हांगझू में जीता गया स्वर्ण बरकरार रखा
सचिन ने अपने छठे और अंतिम थ्रो में 15.87 मीटर फेंककर पहला स्थान हासिल किया और 15.67 मीटर के खेलों के पिछले रिकॉर्ड को तोड़ दिया। भारत के ही मोहम्मद यासर ने तीसरे प्रयास में 15.06 मीटर का थ्रो करके रजत पदक जीता जबकि परवीन 14.94 मीटर के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
खिलारी ने कहा, ‘पिछले पैरा एशियाई खेलों, पैरालंपिक और विश्व पैरा चैंपियनशिप में अधिकतर समय मैं पोडियम पर अकेला था। आज दो और भारतीय खिलाड़ी मेरे साथ पोडियम पर खड़े थे। यह अविश्वसनीय है।’ एफ46 श्रेणी उन एथलीटों के लिए है जिनका कोहनी के ऊपर या नीचे एक हाथ कटा होता है, या वे ऊपरी अंग से दिव्यांग होते हैं। वे खड़े होकर प्रतिस्पर्धा करते हैं और अपने कूल्हों और पैरों का उपयोग करके गोला फेंकने के लिए शक्ति लगाते हैं।
महाराष्ट्र के सांगली जिले के करागानी गांव में किसान परिवार में जन्मे खिलारी को साइकिल दुर्घटना में बाएं हाथ में गंभीर चोट लगी। ऑपरेशन कराने के बावजूद उनका हाथ पूरी तरह से ठीक नहीं हो सका। उन्होंने कम उम्र में ही अपनी मां को खो दिया था।


