भारत ने ईरान में काररवाई की निंदा करने वाले UNHRC प्रस्ताव के खिलाफ वोट डाला, तेहरान ने जताया आभार
नई दिल्ली, 24 जनवरी। ईरान ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) में उसका साथ देने के लिए भारत को धन्यवाद दिया है। भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फथाली ने यूएनएचआरसी के एक विशेष सत्र के दौरान ईरान से संबंधित एक प्रस्ताव के खिलाफ वोट देने के बाद भारत का आभार व्यक्त किया। यह प्रस्ताव शुक्रवार को परिषद के 39वें विशेष सत्र के दौरान पारित किया गया था।
मोहम्मद फथाली ने X पर यूएन में भारत सरकार के रुख के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने लिखा, ‘मैं यूएनएचआरसी में इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के सैद्धांतिक और दृढ़ समर्थन के लिए भारत सरकार का तहे दिल से आभार व्यक्त करता हूं, जिसमें एक अन्यायपूर्ण और राजनीतिक रूप से प्रेरित प्रस्ताव का विरोध करना शामिल है। यह रुख न्याय, बहुपक्षवाद और राष्ट्रीय संप्रभुता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।’
UNHRC का प्रस्ताव
यह प्रस्ताव 25 देशों के पक्ष में, सात के विरोध में और 14 के अनुपस्थित रहने के साथ पारित किया गया। इसमें 28 दिसम्बर को शुरू हुए देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों से निबटने के तरीके को लेकर ईरान की आलोचना की गई। प्रस्ताव में विरोध प्रदर्शनों के दौरान बच्चों सहित बड़ी संख्या में लोगों की मौत, कई अन्य लोगों के घायल होने और हजारों लोगों की गिरफ्तारी पर चिंता व्यक्त की गई।
प्रस्ताव के हिस्से के रूप में, यूएनएचआरसी ने ईरान पर स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय तथ्य-खोज मिशन का कार्यकाल दो और वर्षों के लिए बढ़ा दिया। इसने ईरान में मानवाधिकारों पर विशेष प्रतिवेदक का कार्यकाल भी एक वर्ष के लिए बढ़ा दिया। परिषद ने विरोध प्रदर्शनों से निबटने के तरीके की तत्काल जांच करने का भी आह्वान किया।
यूएनएचआरसी द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है, ‘यूएनएचआरसी ने प्रस्ताव पारित किया, जिसमें उसने ईरान पर स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय तथ्य-खोज मिशन का कार्यकाल दो साल के लिए और ईरान में मानवाधिकारों की स्थिति पर विशेष प्रतिवेदक का कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ा दिया। प्रस्ताव में 28 दिसम्बर, 2025 से शुरू होने वाले देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के दमन के संदर्भ में तथ्य-खोज मिशन द्वारा तत्काल जांच करने का भी आह्वान किया गया।’
बयान में आगे कहा गया है, ‘इसने इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान की सरकार से अपने मानवाधिकार दायित्वों का सम्मान करने, उनकी रक्षा करने और उन्हें पूरा करने तथा गैर-न्यायिक हत्या, जीवन से मनमाने ढंग से वंचित करने के अन्य रूपों, जबरन गायब होने, यौन और लिंग आधारित हिंसा, मनमानी गिरफ्तारी और हिरासत, एकांत कारावास और यातना तथा अन्य क्रूर, अमानवीय या अपमानजनक व्यवहार या दंड को रोकने और उनसे बचने के लिए सभी आवश्यक उपाय करने का आग्रह किया, जिसमें शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ भी शामिल है।’
भारत और ईरान संपर्क में हैं
पिछले हफ़्ते, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से फोन पर बात की थी। दोनों नेताओं ने क्षेत्र में बदलती स्थिति पर चर्चा की। जयशंकर ने X पर एक पोस्ट में कहा, ‘ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची का फोन आया। हमने ईरान और उसके आसपास की बदलती स्थिति पर चर्चा की।’
भारतीयों के लिए यात्रा सलाह जारी
उस बातचीत के तुरंत बाद, भारत ने एक नई एडवाइजरी जारी कर अपने नागरिकों से हाल के घटनाक्रमों के कारण ईरान की यात्रा से बचने को कहा। एडवाइजरी में कहा गया है, ‘ईरान में चल रहे घटनाक्रमों को देखते हुए, भारतीय नागरिकों को एक बार फिर सलाह दी जाती है कि अगली सूचना तक इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान की यात्रा से बचें।’
सरकार ने ईरान में पहले से मौजूद भारतीय नागरिकों और भारतीय मूल के व्यक्तियों (PIOs) को भी सतर्क रहने की सलाह दी। उनसे विरोध प्रदर्शन वाले इलाकों से बचने, स्थानीय अपडेट्स पर नज़र रखने और तेहरान में भारतीय दूतावास से जुड़े रहने को कहा गया। ईरान में रहने वाले भारतीय नागरिकों से यह भी आग्रह किया गया कि यदि उन्होंने अब तक ऐसा नहीं किया है, तो वे दूतावास में रजिस्ट्रेशन करा लें।
