नई दिल्ली, 26 जून। उत्तरी वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप के बाद भारत ने मानवीय सहायता और आपदा राहत के तहत ‘ऑपरेशन अमिस्ताद’(Operation Amistad underway) शुरू किया है। इस अभियान के माध्यम से भारत ने प्रभावित लोगों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की पहल की है। इसके लिए भारतीय सेना की एक विशेष मेडिकल टुकड़ी को वेनेजुएला रवाना किया गया है।

60 पैरा फील्ड हॉस्पिटल से 41 सदस्यीय दल दो विमानों से रवाना
भारतीय सेना के 60 पैरा फील्ड हॉस्पिटल से 41 सदस्यीय दल, भारतीय वायुसेना के दो विमानों से वेनेजुएला के लिए रवाना हुआ है। इनमें नौ अनुभवी सैन्य चिकित्सक भी शामिल हैं। यह दल वेनेजुएला के आपदा-प्रभावित क्षेत्रों में आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं, गंभीर रूप से घायल लोगों का उपचार, सर्जरी, ट्रॉमा प्रबंधन तथा प्रभावित लोगों को गहन चिकित्सा प्रदान करेगा।
वेनेजुएला में मृतकों की संख्या बढ़कर 589 तक पहुंची, लगभग 3000 घायल
गौरतलब है कि वेनेजुएला में बुधवार को आए भयावह भूकंप में मरने वालों की संख्या बढ़कर 589 हो गई है जबकि 2,980 लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा हजारों लोग लापता हैं।कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज के अनुसार ला गुआइरा राज्य सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। वहां बचाव अभियान तेज करने और लोगों तक खाना-पानी पहुंचाने के लिए इलाके में सेना तैनात कर दी गई है।

6 टन चिकित्सा व मानवीय राहत सामग्री लेकर गई है मेडिकल टीम
भारतीय सेना के अनुसार उनकी मेडिकल टीम अपने साथ लगभग छह टन चिकित्सा सामग्री और मानवीय राहत सामग्री लेकर गई है। इनमें भारत के आरोग्य मैत्री परियोजना के तहत विकसित अत्याधुनिक भीष्म क्यूब भी शामिल है। यह एक मॉड्यूलर और तेजी से तैनात किया जा सकने वाला फील्ड अस्पताल है। यह एक ऐसा सिस्टम है जो आपदा प्रभावित क्षेत्रों में उन्नत ट्रॉमा केयर, आपातकालीन सर्जरी और गहन चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में सक्षम है।
विदेश मंत्री जयशंकर बोले – ‘ऑपरेशन अमिस्ताद’ जारी
इसी बीच, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने एक्स पर पोस्ट किया कि ‘ऑपरेशन अमिस्ताद’ जारी है। उन्होंने लिखा, ‘भारतीय वायु सेना के दो सी-17 विमान भूकंप प्रभावित वेनेजुएला के राहत एवं बचाव प्रयासों में सहायता के लिए तत्काल राहत सामग्री लेकर रवाना हुए। इस सहायता में भारतीय सेना की फील्ड हॉस्पिटल यूनिट के साथ 35 टन से अधिक राहत सामग्री, दवाइयां और चिकित्सा उपकरण शामिल हैं। इसके अलावा दो भीष्म क्यूब भी भेजे गए हैं। भारत इस कठिन समय में वेनेजुएला की सरकार और वहां के लोगों के साथ खड़ा है तथा हरसंभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है।’
Operation Amistad underway!
Two @IAF_MCC C17s took-off today for Venezuela with urgent assistance to support their post-earthquake relief efforts.
The assistance contains an Indian Army @adgpi Field Hospital Unit and over 35 tons of relief supplies, medicines and medical… pic.twitter.com/Dcq8P065tp
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) June 26, 2026
2 भीष्म क्यूब भी भेजे गए हैं
भीष्म क्यूब की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह कम समय में स्थापित होकर लगभग 200 मरीजों तक को उपचार और जीवनरक्षक सुविधाएं प्रदान कर सकता है। इस प्रणाली ने भारत की आपदा प्रतिक्रिया क्षमता को नई मजबूती दी है। इसे दुनिया के विभिन्न संकटग्रस्त क्षेत्रों में त्वरित सहायता पहुंचाने के उद्देश्य से विकसित किया गया है।
भारत का यह मिशन केवल राहत सामग्री भेजने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संकट की घड़ी में मित्र देशों के साथ खड़े रहने की उसकी नीति का भी प्रतीक है। वेनेजुएला के लोगों के प्रति एकजुटता व्यक्त करते हुए भारत ने स्पष्ट संदेश दिया है कि भारत इस संकट में मदद के लिए मौजूद है; हम आपके साथ हैं।
ऑपरेशन अमिस्ताद भारत की उस मानवीय सोच को भी दर्शाता है, जो ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ अर्थात ‘पूरा विश्व एक परिवार है’ के सिद्धांत पर आधारित है। प्राकृतिक आपदाओं और मानवीय संकटों के दौरान सहायता पहुंचाने की भारत की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए यह अभियान वैश्विक मानवता, करुणा और सहयोग के प्रति देश की प्रतिबद्धता का एक और उदाहरण बन गया है।
वेनेजुएला में राहत एवं चिकित्सा सहायता का यह मिशन हजारों प्रभावित लोगों के लिए उम्मीद की किरण बनेगा। साथ ही साथ यह प्रयास अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की विश्वसनीय और जिम्मेदार मानवीय शक्ति की छवि को भी और मजबूत करेगा।

