यूपी के हरदोई में आयकर विभाग ने मजदूर को भेजा सात करोड़ से अधिक का नोटिस, सदमे में परिवार

हरदोई, 19 जनवरी। उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में दिन भर मजदूरी कर दो वक्त की रोटी कमाने वाला एक शख्स को आयकर विभाग ने सात करोड़ रुपये से अधिक के कर बकाये का नोटिस भेजा है। मजदूर के हाथ में नोटिस आया, तो उसके और उसके परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई। फिलहाल नोटिस को हाथ में लेकर अब गरीब मजदूर पूरे मामले में न्याय के लिए उच्च अधिकारियों से गुहार लगाने की तैयारी में है। जिससे उसके साथ इंसाफ हो सके और जो लोग दोषी है उनको सजा मिल सके।

प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के माधौगंज थाना क्षेत्र के रुदामऊ गांव निवासी मजदूर गोविंद कुमार को आयकर विभाग ने 7 करोड़ 15 लाख 92 हजार 786 रुपये का नोटिस थमा दिया जबकि उसके घर में खाने के लिए महीने भर का अनाज तक नहीं है। आज उसके सामने आयकर विभाग की करोड़ों की देनदारी हो गयी है। नोटिस मिलने के बाद से परिवार सदमे में है। पत्नी सोनी देवी, बुजुर्ग माता-पिता की आँखों में यही सवाल है कि आखिर एक मजदूर के पास इतने करोड़ रुपए जमा करने के लिए आये तो कहाँ से आये।

दरअसल इस कहानी की जड़ें करीब छह साल पुरानी हैं। जब काम की तलाश में गोविंद कानपुर गया था। वहीं गरीबी का फायदा उठाकर उसे सरकारी मदद दिलाने का झांसा दिया गया। एक महिला उसे सीतापुर के बिसवां ले गई, जहां एचडीएफसी बैंक में उसके नाम से खाता खुलवाया गया। बदले में गोविंद को मिले सिर्फ दो-तीन हजार रुपये लेकिन उससे उसकी पासबुक और चेकबुक ले ली गई।

आशंका है कि इसी खाते के ज़रिये जालसाजों ने फर्जी फर्म बनाकर करोड़ों का लेन-देन किया और गरीब मजदूर को मोहरा बना दिया। जब आयकर विभाग की टीम गांव पहुंची, और पुराने नोटिस व बैंक ट्रांजेक्शन की जानकारी दी, तो गोविंद के होश उड़ गए। गोविंद का बड़ा भाई कस्बे में ठेला लगाता है, छोटा भाई मजदूरी करता है।

पूरा परिवार आज सिस्टम की एक बड़ी खामी का शिकार है। फिलहाल अब गोविन्द पूरे मामले में खुद को बेगुनाह साबित करने और दोषी लोगों पर कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों के पास गुहार लगाने की तैयारी में है लेकिन सवाल यह है इतने बड़े ट्रांजेक्शन पर बैंक की निगरानी कहां थी और उन जालसाजों पर कार्रवाई क्या होगी जिन्होंने एक गरीब की मजबूरी को हथियार बना लिया।

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