लखनऊ, 4 नवंबर : दीपावली और भाई दूज के त्योहार पर मिठाइयों और खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने प्रदेशभर में अभियान तेज कर दिया है। विभाग के ‘शुद्ध ही शुभ है’ अभियान के तहत मिठाई की दुकानों, निर्माण इकाइयों और गोदामों पर छापेमारी की जा रही है।
अब तक की कार्रवाई में करीब 54 क्विंटल खाद्य पदार्थ जब्त किए गए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत 1.32 करोड़ रुपये बताई गई है। अभियान के दौरान प्रदेश में 1,133 स्थानों का निरीक्षण कर 935 नमूने लिए गए हैं। गंभीर अनियमितताएं मिलने पर 27 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। विभाग की टीमें खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और साफ-सफाई के साथ निर्माण से लेकर बिक्री तक की प्रक्रिया पर नजर रख रही हैं।
बरेली-मुरादाबाद में 32 टीमों ने की छापेमारी
बरेली और मुरादाबाद में 32 सचल खाद्य सुरक्षा दलों ने विशेष अभियान चलाया। इस दौरान 98 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर 112 नमूने लिए गए। अनियमितताएं मिलने पर 78 प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस जारी किए गए, जबकि पांच इकाइयों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए। बिना लाइसेंस संचालित एक इकाई का कारोबार भी बंद कराया गया। इसके अलावा कासगंज, इटावा, हमीरपुर, महोबा, कुशीनगर और शाहजहांपुर में अंतर्जनपदीय टीमों ने जांच अभियान चलाया।
कहीं फफूंद लगा घेवर तो कहीं अखाद्य रंगों से बन रही मिठाई
बरेली के न्यू बाजपेई स्वीट्स की निर्माणशाला में गंदगी, टूटी फर्श और जमा हुआ गंदा पानी मिला। यहां शौचालय भट्ठी के पास संचालित पाया गया। कैलाशपुरी स्थित धीरज स्वीट्स एंड कन्फेक्शनरी में पुराना और फफूंद लगा घेवर मिला। इन दोनों प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए। मुरादाबाद में हुकूमत मिल्क केक की रसगुल्ला निर्माण इकाई में अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य पदार्थ तैयार किए जा रहे थे। वहीं, मदनी स्वीट्स में एक्सपायरी सामग्री, चूहों की गंदगी और अखाद्य रंगों का इस्तेमाल पाया गया। दोनों प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए। बड़ी सब्जी मंडी के पास बिना लाइसेंस संचालित बीना मिष्ठान भंडार का कारोबार भी बंद कराया गया। वहीं, कासगंज के पवन स्वीट्स में गंदगी मिलने पर विभाग ने कार्रवाई की।
अस्थायी दुकानों और गोदामों पर भी विभाग की नजर
एफएसडीए की टीमें खाद्य पदार्थों के निर्माण, परिवहन, भंडारण और खुदरा बिक्री तक खाद्य सुरक्षा मानकों की जांच कर रही हैं। मिठाइयों की गुणवत्ता, उनकी वैधता अवधि, कच्चे माल और रंगों के इस्तेमाल पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। त्योहारों के दौरान अस्थायी रूप से खुलने वाली मिठाई की दुकानों को भी जांच के दायरे में शामिल किया गया है। सामान्य कमियां मिलने पर प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस देकर मौका दिया जा रहा है, जबकि मिलावट, अखाद्य रंगों के इस्तेमाल और गंभीर लापरवाही के मामलों में सख्त कार्रवाई की जा रही है।


