FIFA World Cup 2026 : अंधविश्वास के चलते विश्व कप फाइनल में नहीं जाएंगे अर्जेंटीना के राष्ट्रपति, घर से ही देखेंगे मुकाबला
ब्यूनस आयर्स, 17 जुलाई। अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर मिलेई ने साफ कर दिया है कि वह स्पेन के खिलाफ रविवार को होने वाले विश्व कप फाइनल को स्टेडियम में जाकर नहीं देखेंगे। उन्होंने कहा कि अंधविश्वास के कारण वह यह मुकाबला अपने आधिकारिक आवास ओलिवोस से ही देखेंगे, क्योंकि अब तक टीम के सभी मैच उन्होंने वहीं से देखे हैं और अर्जेंटीना हर बार विजयी रहा है। मीडिया से बातचीत के दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो के साथ न्यू जर्सी जाकर फाइनल देखेंगे, तो उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “बिल्कुल नहीं।” मिलेई ने स्थानीय रेडियो स्टेशन एल ऑब्जर्वाडोर से कहा, “मैं अब तक सभी मैच ओलिवोस से देखता आया हूं और फाइनल भी वहीं से देखूंगा।”
‘लकी जैकेट’ भी नहीं उतारेंगे
राष्ट्रपति मिलेई ने बताया कि वह फाइनल के दौरान अपनी वही जैकेट पहनेंगे, जिसे वह टीम के पिछले मुकाबलों में भी पहनते रहे हैं। उन्होंने एक दिलचस्प किस्सा साझा करते हुए कहा कि स्विट्जरलैंड के खिलाफ मैच में गर्मी लगने पर उन्होंने जैकेट उतार दी थी और उसी दौरान विपक्षी टीम ने गोल कर दिया। इसके बाद उन्होंने दोबारा जैकेट पहन ली और तब से उसे नहीं उतारा। उन्होंने कहा, “मैं हीटर भी नहीं चलाता और वही जैकेट पहनता हूं। अब यह मेरी किस्मत से जुड़ गई है।”
अर्जेंटीना में अंधविश्वास की लंबी परंपरा
अर्जेंटीना में फुटबॉल और अंधविश्वास का गहरा रिश्ता माना जाता है। कई प्रशंसक हर मैच में एक ही कपड़े पहनते हैं, कुछ अपनी जर्सी पूरे टूर्नामेंट के दौरान नहीं धोते, तो कई लोग हर मुकाबला एक ही स्थान पर बैठकर देखते हैं। कुछ प्रशंसकों का मानना है कि उनकी छोटी-सी दिनचर्या भी टीम की जीत में योगदान देती है। इस विश्व कप के दौरान सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी खूब वायरल हुआ, जिसमें अर्जेंटीना के गोल करते ही प्रशंसकों का एक समूह बाइबल पढ़ना शुरू कर देता है। इसके बाद उन्होंने हर मैच में यही परंपरा जारी रखी।
‘मुफा’ की मान्यता से भी जुड़ा है मामला
अर्जेंटीना के मौजूदा राष्ट्रपति का विश्व कप के अहम मुकाबलों में स्टेडियम से दूरी बनाए रखना एक पुरानी परंपरा से भी जुड़ा है। माना जाता है कि 1990 विश्व कप में तत्कालीन राष्ट्रपति कार्लोस मेनेम ने शुरुआती मैच से पहले टीम से मुलाकात की थी, जिसके बाद अर्जेंटीना को कैमरून के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद उन्हें ‘मुफा’ (मनहूस) कहा जाने लगा। तब से अर्जेंटीना के किसी भी मौजूदा राष्ट्रपति ने विश्व कप के दौरान राष्ट्रीय टीम का मैच स्टेडियम में जाकर नहीं देखा है।
