दलीप ट्रॉफी : पूर्व क्षेत्र का तीसरी बार खिताब जीतना तय, दक्षिण को फॉलोऑन नहीं कराया, 584 रनों तक पहुंची कुल बढ़त

चेन्नई, 9 सितम्बर। द्विशतकवीर कप्तान ईशान किशन की अगुआई में पूर्व क्षेत्र ने रनों का जो पहाड़ (708 रन) खड़ा किया था, उसके गहरे दबाव में उतरे दक्षिण क्षेत्र के लिए शतक से एक रन दूर रह गए कप्तान तिलक वर्मा (99 रन, 211 गेंद, नौ चौके) का प्रयास नाकाफी साबित हुआ और चेपॉक स्थित एमए चिदांबरम स्टेडियम में खेले जा रहे दिलीप ट्रॉफी फाइनल के चौथे दिन मेजबानों की पहली पारी लंच के ठीक पहले 336 रनों पर सीमित हो गई।

शतक से एक रन चूके तिलक, मेजबानों की पहली पारी 336 पर सीमित

पहली पारी में 372 रनों की भारी भरकम बढ़त हालिस करने बाद पूर्व क्षेत्र के पास पर्याप्त समय था कि वह दक्षिण क्षेत्र को फॉलोऑन के लिए उतारकर बचे पांच सत्रों में सीधी जीत का प्रयास करता। लेकिन किशन ने दक्षिण को फॉलोऑन के लिए बाध्य नहीं किया और खुद दोबारा बल्लेबाजी अभ्यास को तरजीह दी।

शिखर मोहन ने फिर जड़ा पचासा, कप्तान किशन शतक के करीब जाकर रुके

इस क्रम में पहली पारी के अर्धशतकवीर शिखर मोहन ने फिर पचासा (52 रन, 85 गेंद, एक छक्का, पांच चौके) जड़ा तो खुद ईशान (80 रन, 98 गेंद, तीन छक्के, नौ चौके) लगातार दूसरे शतक के करीब जाकर रुके। अंततः दिन का खेल समाप्त हुआ तो पूर्व क्षेत्र ने पांच विकेट पर 212 रन बनाए थे। स्टंप्स तक कुमार कुशाग्र (नाबाद 34 रन, 55 गेंद, तीन चौके) व मो. कोनैन कुरैशी नाबाद 26 रन, 30 गेंद, एक छक्का, दो चौके) छठे विकेट के लिए 52 रनों की अटूट साझेदारी कर चुके थे।

पूर्व ने अंतिम बार 2012-13 में जीता था खिताब

अब स्थिति यह है कि पूर्व क्षेत्र की कुल बढ़त 584 रनों तक जा पहुंची है। यह देखना दिलचस्प रहेगा कि पांचवें व अंतिम दिन पारी घोषित कर ईशान किशऩ की टीम दक्षिण पर सीधी जीत की प्रयास करती है या पहली पारी की बढ़त के आधार पर अपनी तीसरी खिताबी जीत पर अंतिम मुहर लगाती है। पूर्व ने 2011-12 व 2012-13 में मध्य क्षेत्र को हरा लगातार दो बार सर्वजेता का गौरव अर्जित किया था। दिलचल्प तो यह है कि दूसरी बार उसने यहीं चेपॉक मैदान में ट्रॉफी उठाई थी।

दूसरी पारी में जल्द लौट गए वैभव व अभिमन्यु

पूर्व की दूसरी पारी की शुरुआत हालांकि खराब रही और ओपनरद्वय वैभव सूर्यवंशी (आठ रन) व अभिमन्यु ईश्वर (तीन रन) 13 रनों के भीतर लौट गए। इनमें अभिमन्यु का विकेट मो. सिराज (1-17) के हाथ लगा, जो पहली पारी के मुकाबले अपेक्षाकृत लय में दिखे। पहली पारी में उन्होंने बिना सफलता 140 रन खर्च किए थे।

किशन व शिखर मोहन के बीच तीसरे विकेट पर 126 रनों की साझेदारी

हालांकि इसके बाद किशन, जिन्होंने पहली पारी में 270 रन बनाए थे, व शिखर मोहन पूरी तरह से सहज दिखे। दोनों ने अपने अर्धशतक पूरा करने के साथ तीसरे विकेट के लिए 126 रनों की साझेदारी कर दी। फिलहाल चाय (2-95) के बाद किशन अपनी लय बरकरार नहीं रख सके और उन्होंने तेज गेंदबाज एमडी निधीश की गेंद पर देवदत्त पडिक्कल को कैच थमाया। इसके बाद त्वरित अंतराल पर शिखर सहित और दो विकेट निकल गए। लेकिन कुशाग्र व कोनैन ने संभव हुए 11 ओवरों में अटूट अर्धशतकीय भागीदारी कर दी।

स्कोर कार्ड

इससे पहले स्थानीय दर्शकों को तिलक का भी शतक देखने को नहीं मिला, जो तीसरे दिन के 56 रनों के व्यक्तिगत स्कोर से आगे बढ़े थे। दिन की शुरुआत छह विकेट पर 242 रनों से करने वाली दक्षिण क्षेत्र की टीम तिलक के ही सहारे 300 रनों का आंकड़ा पार करने में सफल रही।

तिलक व मिलिंद ने सातवें विकेट पर जोड़े 78 रन

हैदराबाद के 23 वर्षीय बल्लेबाजी हरफनमौला तिलक ने पिछली शाम के दूसरे नाबाद बल्लेबाज चामा मिलिंद (43 रन, 68 गेंद, सात चौके) संग सातवें विकेट पर 78 रनों की भागीदारी भी की। लेकिन शिखर मोहन ने चामा को लौटाया तो फिर 18 रनों के भीतर अंतिम चारों बल्लेबाज लौट गए। इनमें तिलक अंतिम बल्लेबाज के रूप में आउट हुए, जो आक्रामक शॉट खेलने के प्रयास में ऑफ स्पिनर कुरेशी को रिटर्न कैच दे बैठे। मुकेश कुमार ने 62 रन देकर तीन विकेट लिए तो मो. शमी, कोनैन कुरेशी शिखर मोहन ने आपस में छह विकेट बांटे।

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