सीएम योगी की हुंकार- बेटियों की सुरक्षा में सेंध लगाने वालों को जेल या जहन्नुम, तीसरा कोई रास्ता नहीं

वाराणसी, 9 सितम्बर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लगभग चार घंटे के वाराणसी दौरे में ‘कामकाजी महिला सम्मान समारोह’ में मातृ शक्तियों का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए उन्हें सम्मानित किया। बाबतपुर-पिंडरा स्थित आशा एजुकेशन ग्रुप परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री के मंच पर पहुंचते ही बड़ी संख्या में मौजूद महिलाओं ने तालियों की गड़गड़ाहट और गुलाब की पंखुड़ियों से उनका स्वागत किया। इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, रसोइयों, सफाई मित्रों और आशा वर्करों को सम्मानित किया गया। महिलाओं की बड़ी संख्या में मौजूदगी से समारोह का माहौल उत्साहपूर्ण रहा।

‘कामकाजी महिला सम्मान समारोह’ में मातृशक्तियों का सम्मान

सीएम योगी ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि माताओं और बहनों की मातृत्व शक्ति का भव्य आयोजन सराहनीय है। आधी आबादी को सम्मान और उनके योगदान का एहसास कराने के लिए इस तरह के कार्यक्रम महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि काशी अपनी आध्यात्मिक विरासत और सांस्कृतिक मूल्यों को बनाए रखते हुए वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान स्थापित कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी काशी की इस पहचान को वैश्विक स्तर तक पहुंचाने के लिए संकल्पित हैं।

काशी में लगभग एक लाख करोड़ रुपये के विकास कार्य हुए हैं

मुख्यमंत्री ने कहा कि काशी में लगभग एक लाख करोड़ रुपये के विकास कार्य हुए हैं। विकास के साथ जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचाने का काम भी तेजी से किया जा रहा है। उन्होंने पिंडरा विधायक अवधेश सिंह के क्षेत्र में विकास कार्यों और कार्यक्रम के आयोजन की सराहना की।

बेटियों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता

सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में बेटियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। मिशन शक्ति के माध्यम से बेटियों और महिलाओं की सुरक्षा को मजबूत आधार मिला है। उत्तर प्रदेश पुलिस में महिलाओं के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया गया है। प्रदेश की वीरांगनाओं के नाम पर पीएसी की महिला बटालियन भी बनाई गई हैं। वर्ष 2017 से पहले प्रदेश पुलिस में करीब 10 हजार महिलाएं थीं जबकि आज यह संख्या बढ़कर लगभग 45 हजार हो चुकी है।

उन्होंने उत्तर प्रदेश में पीएसी (PAC) की तीन महिला बटालियन का नाम तीन महान वीरांगनाओं—रानी अवंतीबाई लोधी, वीरांगना ऊदा देवी और वीरांगना झलकारी बाई के नाम पर रखा गया है। यह महिला सशक्तिकरण की दिशा में हुए बदलाव को दर्शाता है। इसी दौरान उन्होंने सख्त अंदाज में कहा कि बेटी की सुरक्षा में सेंध लगाने वालों के लिए जेल या जहन्नुम में जाने के अलावा कोई तीसरा रास्ता नहीं होगा।

योजनाओं का लाभ जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचा रही सरकार

सीएम योगी ने कहा कि सरकार केवल योजनाएं बनाने तक सीमित नहीं है बल्कि उनका लाभ जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाने का काम भी कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के माध्यम से गरीब परिवारों को आवास उपलब्ध कराए गए हैं। उज्ज्वला योजना के माध्यम से महिलाओं को धुएं से मुक्ति दिलाने का प्रयास हुआ है और घर-घर शौचालय उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम किया गया है। उन्होंने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, सामूहिक विवाह योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन योजनाओं ने महिलाओं और बेटियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का काम किया है।

अटल आवासीय विद्यालयों में आधी सीटें बेटियों के लिए सुनिश्चित

मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल आवासीय विद्यालयों में आधी सीटें बेटियों के लिए सुनिश्चित की गई हैं। कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों के माध्यम से बेटियों की शिक्षा को आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना का भी उल्लेख किया और कहा कि मेधावी छात्राओं को स्कूटी वितरित की जाएगी।

करीब 28 लाख महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक गतिविधियों से जुड़ीं

सीएम योगी ने महिला आर्थिक स्वावलंबन पर जोर देते हुए कहा कि प्रदेश में करीब 28 लाख महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक गतिविधियों से जुड़ी हैं। बीसी सखी और ड्रोन दीदी जैसी योजनाओं के जरिए महिलाओं को नई जिम्मेदारियां और रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। आज महिलाएं अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, खेल, सेना सहित किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। पूंजी के अभाव में किसी महिला का सपना अधूरा नहीं रहने दिया जाएगा। सरकार दृढ़ संकल्प के साथ महिलाओं के साथ खड़ी है।

वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की पारंपरिक कला और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। वाराणसी की हस्तकला और साड़ियों से लेकर फिरोजाबाद के कांच उद्योग तक स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने और रोजगार बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बेहतर सड़क, पुल, फ्लाईओवर, हाईवे, एयरपोर्ट और एक्सप्रेसवे के निर्माण का उल्लेख करते हुए कहा कि मजबूत कनेक्टिविटी से रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलती है।

मातृशक्ति को सालाना 12 हजार रुपये की पेंशन उपलब्ध दी जा रही

सीएम योगी ने पारिवारिक लाभ योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि विधवा, दिव्यांग और बुजुर्ग महिलाओं को सालाना 12 हजार रुपये की पेंशन उपलब्ध कराने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसमें वृद्धि के लिए भी सरकार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि पूंजी के अभाव में अब किसी महिला का सपना अधूरा नहीं रहेगा। सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हर संभव सहयोग करेगी।

कार्यक्रम में पिंडरा विधायक डॉ अवधेश सिंह ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कार्यक्रम में शामिल होने के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद उत्तर प्रदेश में विकास के नए आयाम स्थापित हुए हैं। कार्यक्रम में फिल्म के माध्यम से महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा, शिक्षा, रोजगार और आर्थिक स्वावलंबन को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं को प्रमुखता से रेखांकित किया गया।

इस अवसर पर श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर, स्टाम्प एवं पंजीयन शुल्क राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवींद्र जायसवाल, आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्र दयालु, एमएसएमई राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य, महापौर अशोक तिवारी, सदस्य विधान परिषद राय धर्मेंद्र सिंह, पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, त्रिभुवन राम, डॉ सुनील पटेल, मंडलायुक्त एस. राजलिंगम, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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