काठमांडू, 1 सितंबर। नेपाल और तिब्बत सीमा पर 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के बाद हालात अब भी बेहद भयावह बने हुए हैं। नेपाल के नुवाकोट जिले के बिदुर इलाके में सोमवार को मलबे में तब्दील एक घर से बच्चे समेत 24 शव बरामद किए गए। पुलिस के मुताबिक, मलबे में अभी और लोगों के दबे होने की आशंका है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 955 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। इनमें नेपाल में 939 और तिब्बत में 16 लोगों की मौत शामिल है। वहीं, 4,471 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। राहत एजेंसियों के मुताबिक करीब 65 हजार प्रभावित लोगों तक तत्काल राहत सामग्री पहुंचाई जा चुकी है।
158 भारतीय नागरिकों का रेस्क्यू
भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, नेपाल में आई बाढ़ के बाद अब तक 158 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। भारतीय दूतावास और विदेश मंत्रालय लगातार नेपाली अधिकारियों के साथ समन्वय कर राहत एवं बचाव अभियान में सहयोग कर रहे हैं।
जलविद्युत परियोजनाओं में भारतीय टनल टीम का सर्च ऑपरेशन
नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव के अनुसार, भारतीय टनल रेस्क्यू टीम ने नेपाली सेना के साथ मिलकर चिलिमे और लांगटांग जलविद्युत परियोजनाओं में तलाशी अभियान तेज कर दिया है। चिलिमे में भारतीय टीम दुर्गम रास्तों को पार कर सुरंग तक पहुंच गई है। वहीं, लांगटांग परियोजना की सुरंग के भीतर करीब 185 मीटर तक सघन तलाशी अभियान चलाया गया है। टीम का उद्देश्य सुरंगों में फंसे लोगों का पता लगाना और संभावित पीड़ितों के अवशेषों को बरामद करना है।
मृतकों की पहचान में भारत की फॉरेंसिक टीम कर रही मदद
भारतीय फॉरेंसिक विशेषज्ञों की एक टीम काठमांडू स्थित नेपाल पुलिस की सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लैब के साथ मिलकर काम कर रही है। टीम मृतकों की पहचान, डीएनए संबंधी जांच और दस्तावेजीकरण में नेपाली अधिकारियों को तकनीकी सहायता दे रही है।
उत्तर प्रदेश की गंडक नदी से 17 शव बरामद
नेपाल में आई बाढ़ के तेज बहाव में बहकर उत्तर प्रदेश की गंडक नदी में पहुंचे 17 शव बरामद किए गए हैं। इनमें 13 शव कुशीनगर के खड्डा और तमकुही राज तहसील क्षेत्रों से मिले हैं, जबकि महराजगंज से चार शव बरामद किए गए। महराजगंज से मिले शवों में तीन महिलाएं शामिल हैं। पोस्टमार्टम और डीएनए सैंपलिंग की प्रक्रिया पूरी करने के बाद शवों को नेपाल प्रशासन को सौंप दिया गया है।
नेपाल सरकार ने बनाई 21 दिन की टास्क फोर्स
आपदा से प्रभावित रसुवा के भोटेकोशी नदी क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को जल्द बहाल करने के लिए नेपाल सरकार ने विशेष 21-दिवसीय टास्क फोर्स का गठन किया है। इस टीम को सड़क, झूला पुल, पेयजल, संचार और स्वास्थ्य सेवाओं को युद्धस्तर पर बहाल करने की जिम्मेदारी दी गई है। सरकार का लक्ष्य प्रभावित क्षेत्रों में जरूरी सेवाओं को अगले 21 दिनों में चरणबद्ध तरीके से बहाल करना है।
चीन ने पूर्व चेतावनी को लेकर दी सफाई
नेपाल में भारी बारिश, भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ को लेकर चीन ने पूर्व चेतावनी नहीं देने के आरोपों पर सफाई दी है। चीन का दावा है कि उसके वर्ल्ड मेट्रोलॉजिकल सेंटर ने घटना से करीब 12 दिन पहले ही नेपाल को ईमेल के जरिए भारी बारिश, भूस्खलन और फ्लैश फ्लड की आशंका को लेकर अलर्ट भेज दिया था। नेपाल में राहत और बचाव अभियान अभी भी जारी है। बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने के कारण प्रभावित क्षेत्रों में मलबे की तलाश और शवों की पहचान का काम चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।


