कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई का प्रहार – पीएम मोदी का ‘मौन व्रत’ तोड़ने के लिए लाया गया अविश्वास प्रस्ताव

नई दिल्ली, 8 अगस्त। लोकसभा में कांग्रेस के उप नेता गौरव गोगोई ने सोमवार को मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा की शुरुआत करते हुए मणिपुर में जारी हिंसा को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने ‘डबल इंजन’ सरकार पर पूरी तरह विफल रहने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘मौनव्रत’ तोड़ा जा सके, इसलिए विपक्ष द्वारा अविश्वास प्रस्ताव लाया गया।

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने लोकसभा में कहा, ‘प्रधानमंत्री मोदी को यह स्वीकार करना होगा कि उनकी डबल इंजन सरकार मणिपुर में विफल रही है। यही कारण है कि मणिपुर में 150 लोगों की मौत हो गई, लगभग 5000 घर जला दिए गए, लगभग 60,000 लोग राहत शिविरों में और आसपास हैं, 6500 FIR दर्ज की गई हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए भाजपा को जहां छह घंटे का वक्त दिया गया है वहीं कांग्रेसको चर्चा के लिए डेढ़ घंटे का समय मिलेगा। कांग्रेस की तरफ से फिलहाल चार नाम तय किए गए हैं। गौरव गोगोई बोल चुके हैं जबकि राहुल गांधी, मनीष तिवारी और दीपक बैंस भी इस मुद्दे पर बोलेंगे।

BJP सांसद निशिकांत बोले – ‘शायद राहुल जी देर से उठे होंगे, इसलिए नहीं बोल पाए

इधर अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा, ‘हमें लगा कि राहुल गांधी बोलेंगे। लगता है राहुल जी आज देर से उठे होंगे, इसलिए नहीं बोल पाए।’ वहीं निशिकांत दुबे ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा ‘मोदी’ सरनेम टिप्पणी मामले में राहुल गांधी की सजा पर रोक लगाने का मुद्दा उठाया, जिसके बाद उनकी सदस्यता बहाल की गई। निशिकांत ने कहा, “सुप्रीम कोर्ट ने कोई फैसला नहीं दिया है, स्थगन आदेश दिया है। वे कह रहे हैं कि वे माफी नहीं मांगेंगे। दूसरी बात, वे कहते हैं ‘मैं सावरकर नहीं हूं’ – आप कभी सावरकर हो भी नहीं हो सकते।”

बेटे को सेट करना है और दामाद को भेंट है..यही इस प्रस्ताव का आधार है

निशिकांत दुबे ने कहा, ‘ये अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है। ये क्यों लाया गया है? सोनिया जी (गांधी) यहां बैठी हैं। मुझे लगता है कि उन्हें दो काम करने होंगे – बेटे को सेट करना है और दामाद को भेंट है। यही इस प्रस्ताव का आधार है। अविश्वास प्रस्ताव उस प्रधानमंत्री के खिलाफ लाया गया है जो गरीब परिवार से आते हैं, जिन्होंने गरीबों को मकान, शौचालय और पीने का पानी का उपलब्ध कराया है।’

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