1. Home
  2. राज्य
  3. उत्तरप्रदेश
  4. बकरीद से पहले सीएम योगी का बयान- सड़क पर नहीं पढ़ने देंगे नमाज, प्यार से मानेंगे तो ठीक, नहीं तो अपनाएंगे दूसरा तरीका
बकरीद से पहले सीएम योगी का बयान- सड़क पर नहीं पढ़ने देंगे नमाज, प्यार से मानेंगे तो ठीक, नहीं तो अपनाएंगे दूसरा तरीका

बकरीद से पहले सीएम योगी का बयान- सड़क पर नहीं पढ़ने देंगे नमाज, प्यार से मानेंगे तो ठीक, नहीं तो अपनाएंगे दूसरा तरीका

0
Social Share

लखनऊ, 19 मई। उत्तर प्रदेश में बकरीद से एक हफ्ते पहले सड़कों पर नमाज को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त चेतावनी दी। एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा, “लोग मुझसे पूछते हैं, ‘क्या UP में सड़कों पर नमाज़ पढ़ी जाती है?’ मैं उनसे कहता हूँ, ‘नहीं, ऐसा नहीं होता। जाओ और खुद जाकर देखो’… किसी को भी सड़क रोकने का क्या अधिकार है?

हर किसी को अपनी प्रार्थना केवल अपने तय पूजा स्थल पर ही करनी चाहिए। उन्होंने मुझसे पूछा, ‘यह कैसे संभव है? हमारी संख्या तो बहुत ज़्यादा है!’ मैंने जवाब दिया, ‘तो फिर अपनी प्रार्थना पालियों में करो। अगर तुम्हारे पूजा स्थल में सभी के लिए पर्याप्त जगह नहीं है, तो अपनी संख्या को उसी हिसाब से व्यवस्थित करो।

अगर तुम इस व्यवस्था के तहत मिल-जुलकर रहना चाहते हो, तो तुम्हें इसके नियमों और कानूनों का पालन करना शुरू करना होगा। अगर तुम नमाज़ पढ़ना चाहते हो, तो पालियों में पढ़ो-हम तुम्हें नहीं रोकेंगे। लेकिन, सड़कें इस काम के लिए नहीं बनी हैं, वे आम नागरिकों और ज़रूरतमंदों-जैसे कि बीमार लोगों-के इस्तेमाल के लिए हैं… सरकारी नियम और कानून सभी पर समान रूप से लागू होते हैं। हम अपनी सड़कों पर अराजकता फैलने नहीं देंगे।

अगर तुम शांतिपूर्वक सहयोग करते हो, तो यह बहुत अच्छी बात है; वरना, हम दूसरे तरीके अपनाएँगे। अगर तुम तर्क सुनने और बातचीत करने को तैयार हो, तो ठीक है; लेकिन अगर नहीं, तो टकराव के नतीजों का सामना करने के लिए तैयार रहो। बरेली में, कुछ लोगों ने हमारे इरादों को आज़माने की कोशिश की—और उन्हें हमारी ताकत का साफ-साफ अंदाज़ा हो गया।”

‘यूपी में अराजकता की छूट किसी को नहीं’

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक भी सनसनी भरी खबर कहां आग लगा दे, क्या कुछ कर दे, उसका भरोसा नहीं। हम इस बात के लिए कतई तैयार नहीं हैं कि यूपी में फिर से कर्फ्यू लगे, दंगों की शुरुआत हो और किसी प्रकार की अराजकता की छूट किसी को मिले। ऐसे में संवेदनशील रिपोर्ट ही मीडिया को विश्वसनीय बनाती है। अमर उजाला को उसकी 78 वर्षों की शानदार यात्रा के लिए बधाई देता हूं कि उसने विश्वसनीयता पर खरा उतरने का प्रयास किया है।

Join our WhatsApp Channel

And stay informed with the latest news and updates.

Join Now
revoi whats app qr code