सीएम योगी का प्रहार- शिक्षा की उपेक्षा और शिक्षकों का अपमान सपा का राजनीतिक आधार

लखनऊ, 17 अक्टूबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को समाजवादी पार्टी पर प्रहार करते हुए कहा कि सपा शिक्षा की घोषित दुश्मन है और शिक्षा व्यवस्था की उपेक्षा व शिक्षकों का अपमान उसकी राजनीति का आधार रहा है। लखनऊ स्नातक क्षेत्र से भाजपा के प्रत्याशी इंजीनियर अवनीश कुमार सिंह और लखनऊ शिक्षक क्षेत्र से प्रत्याशी उमेश द्विवेदी के समर्थन में आयोजित सभा को सम्बोधित करते हुए सीएम योगी ने उक्त तीखा बयान दिया।

सीएम योगी ने कहा कि सपा सरकार के समय शिक्षण संस्थानों पर पेशेवर गुंडों का दबदबा था और युवाओं के सामने पहचान का संकट खड़ा हुआ। इसके विपरीत, भाजपा सरकार ने शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए काम किया है। मुख्यमंत्री ने शिक्षक एवं स्नातक मतदाताओं से अपील की कि वे इस चुनाव में परिवारवाद और वंशवाद को नकारते हुए योग्य और सक्षम प्रतिनिधि चुनें।

सीएम योगी ने अपने संबोधन में सपा की नीतियों पर सवाल उठाए और शिक्षकों, युवाओं तथा अधिवक्ताओं के हित में सरकार की ओर से किए गए कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा की व्यवस्था कमजोर होने का असर केवल शिक्षकों और विद्यार्थियों तक सीमित नहीं रहता बल्कि इससे समाज, प्रदेश और देश का भविष्य भी प्रभावित होता है। उन्होंने शिक्षकों के सम्मान, विद्यालयों की सुविधाओं और युवाओं के अवसरों को बेहतर बनाने की जरूरत पर जोर दिया।

वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया के मुकाबले वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट

मुख्यमंत्री ने सपा सरकार पर माफिया के प्रभाव को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी ने वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया दिया, हमने वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट दिया, वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज दिया। उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश में माफिया जमीनों पर कब्जा कर लेते थे और आम लोगों, शिक्षकों तथा सरकारी संपत्तियों की जमीनों को भी निशाना बनाया जाता था। वहीं भाजपा सरकार ने कानून-व्यवस्था में सुधार के साथ विकास को प्राथमिकता दी है। उन्होंने मेडिकल कॉलेजों के विस्तार, बेहतर कनेक्टिविटी और निवेश से रोजगार के अवसर बढ़ने का भी उल्लेख किया।

परिवारवाद पर चोट

मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र के मतदाताओं को ऐसा प्रतिनिधि चुनना चाहिए, जो उनकी समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठा सके और जिम्मेदारी के साथ काम करे. कहा कि आपका प्रतिनिधि वह बनेगा, जिसमें जज्बा हो और जिसमें सामर्थ्य हो। परिवारवाद और वंशवाद पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने मतदाताओं से इसे बढ़ावा देने वाली राजनीति को नकारने का आह्वान किया। उन्होंने दोनों प्रत्याशियों को शिक्षकों और स्नातकों की आवाज उठाने में सक्षम बताया।

बैलेट पेपर से चुनाव, न्याय के पक्ष में परिणाम देने की अपील

सीएम योगी ने कहा कि एमएलसी चुनाव ईवीएम से नहीं, बैलेट पेपर से हो रहा है और परिणाम न्याय के पक्ष में देने का काम आपको करना है। उन्होंने संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा करने की प्रवृत्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि यह चुनाव उसका भी जवाब होना चाहिए। उन्होंने मतदाताओं से सतर्क रहकर मतदान करने और अति-आत्मविश्वास से बचने की अपील करते हुए कहा कि चुनाव में प्रत्येक मत महत्वपूर्ण है और कार्यकर्ताओं को मतदाताओं तक पहुंचने के लिए लगातार प्रयास करना चाहिए।

शिक्षकों को पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज

मुख्यमंत्री ने शिक्षकों और उनके परिवारों के लिए स्वास्थ्य एवं सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी सुविधाओं का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि बेसिक, माध्यमिक, उच्च शिक्षा, विश्वविद्यालयों, इंजीनियरिंग कॉलेजों और स्ववित्तपोषित संस्थानों सहित विभिन्न श्रेणियों के शिक्षकों तथा उनके परिवारों को प्रति वर्ष पांच लाख रुपये तक कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

उन्होंने कहा कि सरकारी और सहायता प्राप्त संस्थानों से जुड़े शिक्षकों, शिक्षामित्रों तथा अनुदेशकों के साथ किसी अनहोनी या दुर्घटना की स्थिति में परिवार को बीमा कवर के माध्यम से 40 लाख रुपये से लेकर 1.5 करोड़ रुपये तक की आर्थिक सहायता देने की व्यवस्था है। उन्होंने रसोइयों के लिए भी दो लाख रुपये का सुरक्षा बीमा कवर उपलब्ध कराने का उल्लेख किया।

ड्रॉपआउट दर 20 से घटकर तीन प्रतिशत

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और विद्यालयों में बुनियादी सुविधाएं बेहतर करने के लिए काम किया है. बेसिक शिक्षा में ऑपरेशन कायाकल्प और निपुण भारत अभियान के तहत स्कूलों में बेहतर कक्षाएं, बालक-बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय, पेयजल, स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी और कंप्यूटर कक्ष जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

उन्होंने कहा कि बेसिक शिक्षा में ड्रॉपआउट दर 20 प्रतिशत से घटकर तीन प्रतिशत रह गई है जबकि सैचुरेशन का स्तर 36 प्रतिशत से बढ़कर 96 प्रतिशत हो गया है। माध्यमिक शिक्षा में प्रोजेक्ट अलंकार के तहत राजकीय इंटर कॉलेजों, राजकीय बालिका इंटर कॉलेजों, सहायता प्राप्त कॉलेजों और संस्कृत महाविद्यालयों के भवनों का निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण किया गया है।

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