महान वीरांगना मैना कुमारी : क्रांति की मशाल न बुझे, इसलिए खुद जिंदा जल गई
कानपुर (उत्तर प्रदेश) जिले में गंगा किनारे स्थित महर्षि वाल्मीकि की तपोभूमि बिठूर में तीन सितम्बर, 1857 का वह दिन था, जब एक पेड़ से बंधी 13 वर्षीया किशोरी को ब्रिटिश सेना ने जिंदा ही आग के हवाले कर दिया था। धूँ धूँ कर जलती उस लड़की ने उफ तक न किया और जिंदा लाश […]
