कनाडा ने जारी की ट्रैवल एडवाइजरी, भारत के इन इलाकों को सुरक्षा के लिहाज से बताया खतरनाक

नई दिल्ली, 19 सितम्बर। भारत से बढ़ती तनातनी के बीच कनाडा ने मंगलवार को अपने नागरिकों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी की। इसमें असम और हिंसा प्रभावित मणिपुर का विशेष उल्लेख किया गया है। यह एडवाइजरी कनाडाई नागरिकों को जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर में यात्रा करने के खिलाफ चेतावनी देती है।

यात्रा परामर्श में पहली बार जम्मू-कश्मीर का साफ तौर पर जिक्र किया गया

पहली बार इस यात्रा परामर्श में जम्मू-कश्मीर का साफ तौर पर जिक्र किया गया है। इसमें कहा गया, ‘केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति तनावपूर्ण है। यहां हिंसक विरोध-प्रदर्शन, नागरिक अशांति और आतंकवाद व उग्रवाद जैसे एक्ट्स का हाई रिस्क है।’

एडवाइजरी में जम्मू-कश्मीर को लेकर आगे कहा गया, ‘आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच हिंसक झड़पें लगातार होती रहती हैं। सुरक्षा बलों के खिलाफ आतंकी हमलों में नागरिक हताहत हुए हैं। यहां किसी भी समय नए हमले हो सकते हैं। आप खुद को गलत समय पर गलत जगह पर पा सकते हैं।’

एडवाइजरी में असम और हिंसा प्रभावित मणिपुर का विशेष उल्लेख किया गया

एडवाइजरी में नॉर्थ-ईस्ट को लेकर कहा गया, ‘पूर्वोत्तर राज्यों असम और मणिपुर में कई चरमपंथी और विद्रोही समूह सक्रिय हैं। वे आए दिन स्थानीय सरकार और सुरक्षा बलों को निशाना बनाते रहे हैं। ये अपनी गतिविधियों को वित्तपोषित करने के लिए विभिन्न आपराधिक गतिविधियों का सहारा लेते हैं। राज्य में जातीय तनाव भी संघर्ष और नागरिक अशांति का कारण बन सकता है।’

दिल्ली में कनाडा के उच्चायोग की सुरक्षा बढ़ाई

दूसरी ओर, मध्य दिल्ली स्थित कनाडा के उच्चायोग के बाहर एहतियाती उपाय के तौर पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। सीनियर पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘उच्चायोग के बाहर एहतियात के तौर पर अर्धसैनिक बल के साथ दिल्ली पुलिस के जवानों को तैनात किया गया है।’

गौरतलब है कि भारत ने खालिस्तान समर्थक एक अलगाववादी नेता की हत्या के तार संभवत: भारत से जुड़े होने के कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के आरोपों को बेतुका बताया है। भारत ने ऐसे आरोपों को निहित स्वार्थों से प्रेरित बताते हुए मंगलवार को खारिज कर दिया।

इस मामले को लेकर एक भारतीय अधिकारी को कनाडा की ओर से निष्कासित किए जाने के जवाब में सीनियर कनाडाई राजनयिक को देश से निष्कासित कर दिया। भारत में कनाडा के उच्चायुक्त कैमरून मैके को विदेश मंत्रालय ने तलब किया और वरिष्ठ कनाडाई राजनयिक को निष्कासित करने के फैसले के बारे में सूचित किया।

ज्ञातव्य रहे कि भारत द्वारा आंतकवादी घोषित कनाडाई नागरिक हरदीप सिंह निज्जर की दो अज्ञात बंदूकधारियों ने बीते 18 जून को गोली मारकर हत्या कर दी थी। कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के सरे में एक गुरुद्वारे के बाहर इस वारदात को अंजाम दिया गया था।

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