भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी बोले –  ओवैसी भले ही राष्ट्रवादी न हों, लेकिन वह देशभक्त हैं

नई दिल्ली, 5 फरवरी। एआईएमआईएम प्रमुख व लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी के काफिले पर दो दिनों पूर्व हुई फायरिंग की घटना की सभी दलों के नेताओं ने कड़ी निंदा करते हुए एक स्वर में कहा है कि लोकतंत्र में हिंसा का कोई स्थान नहीं है। इसी क्रम में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी ने भी घटना की निंदा करते हुए कहा है कि केवल तर्कहीन कट्टरपंथी ही सांसद ओवैसी की हत्या करना चाहेंगे। साथ ही स्वामी ने यह भी कहा है कि ओवैसी राष्ट्रवादी न होते हुए भी देशभक्त हैं।

हमें ओवैसी के मुखर तर्कों का सामना करना चाहिए न कि बर्बरता पर उतरना चाहिए

अपने बेबाक बयानों और तर्कों से अक्सर ही सुर्खियों में रहने वाले सुब्रह्मण्यम स्वामी ने एक ट्वीट में कहा, ‘तर्क परंपरा में विश्वास न करने वाले कट्टरपंथी ही केवल सांसद ओवैसी की हत्या करना चाहेंगे। ओवैसी भले ही राष्ट्रवादी न हों, लेकिन वह देशभक्त हैं। अंतर केवल यह है कि ओवैसी हमारे देश की रक्षा करेंगे, लेकिन वह ये नहीं मानते कि हिन्दू और मुस्लिमों का डीएनए एक ही है। हमें उनके मुखर तर्कों का सामना करना चाहिए न कि लोगों को बर्बरता पर उतर आना चाहिए।’

अपने पूर्वजों को हिन्दू नहीं मानते हैं ओवैसी

हालांकि सुब्रह्मण्यम स्वामी पहले भी ओवौसी पर कुछ ऐसी ही राय दे चुके हैं। वर्ष 2016 में उन्होंने कहा था कि ओवैसी देशभक्त हैं क्योंकि वे विदेश में भारत को डिफेंड करते हैं। हालांकि वह राष्ट्रवादी नहीं है क्योंकि अपने पूर्वजों को हिन्दू के रूप में स्वीकार नहीं करते हैं।

तीन फरवरी को मेरठ से लौटते वक्त ओवैसी की कार पर हुई थी फायरिंग

ज्ञातव्य है कि गत गुरुवार (तीन फरवरी) की शाम सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने दावा किया था कि उत्तर प्रदेश में चुनाव प्रचार के दौरान मेरठ से लौटते वक्त छिजारसी टोल प्लाजा पर उनकी गाड़ी पर चार राउंड फायरिंग की गई थी।

यूपी पुलिस ने इस मामले में तत्काल काररवाई करते हुए दो आरोपितों – सचिन शर्मा और शुभम को गिरफ्तार किया है। इन दोनों को अदालत ने शुक्रवार को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। यूपी पुलिस ने कहा है कि दोनों आरोपित एक धर्म विशेष के खिलाफ ओवैसी के बयानों से नाराज थे। दोनों ही आरोपित कई माह से ओवैसी पर हमले की फिराक में थे।

ओवैसी ने ठुकरा दी सरकार प्रदत्त जेड श्रेणी की सुरक्षा

हमले के बाद केंद्र सरकार ने ओवैसी को जेड श्रेणी की सुरक्षा मुहैया कराई है, लेकिन ओवैसी ने सुरक्षा लेने से इनकार कर दिया है। साथ ही उन्होंने आरोपितों पर यूएपीए के तहत काररवाई की मांग की है।

RELATED ARTICLES

Most Popular