असम के सीएम हिमंत सरमा के बयान से बांग्लादेश नाराज, भारतीय उच्चायुक्त को ढाका में किया तलब
नई दिल्ली, 1 मई। बांग्लादेश ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की टिप्पणियों को लेकर नाराजगी जाहिर की है और ढाका में भारत के कार्यवाहक उच्चायुक्त पवन बाधे को तलब कर उनसे औपचारिक विरोध दर्ज कराया है।
मीडिया रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है। UNB न्यूज सर्विस के अनुसार एक अधिकारी ने बताया कि महानिदेशक (दक्षिण एशिया) इशरत जहां ने गुरुवार को भारतीय राजनयिक को बांग्लादेश का पक्ष बताया।
उल्लेखनीय है कि हिमंत सरमा ने पिछले सप्ताह एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा था कि असम में 20 विदेशी नागरिकों को पकड़ा गया और उन्हें वापस बांग्लादेश भेज दिया गया। सरमा ने कहा था, ‘बदतमीज़ लोग नरम भाषा नहीं समझते। हम असम से घुसपैठियों को बाहर निकालते वक्त इस बात को लगातार याद रखते हैं। 20 अवैध बांग्लादेशियों को कल रात वापस भेज दिया गया।’
लातों के भूत बातों से नहीं मानते।
We continuously remind ourselves of this prophetic line when we expel infiltrators from Assam who don't leave themselves.
For instance these 20 illegal Bangladeshis who were PUSHED BACK last night.
Assam will fight, Pushbacks WILL CONTINUE. pic.twitter.com/wLiIoR4TJc
— Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) April 25, 2026
‘भारत-बांग्लादेश संबंधों के लिए अपमानजनक…‘
इशरत ने भारतीय राजनयिक से कहा कि इस तरह के बयान दोनों देशों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों की भावना को कमजोर करते हैं। अधिकारी ने इन बयानों को बांग्लादेश-भारत संबंधों के लिए अपमानजनक बताया और ढाका की नाराज़गी जाहिर की। इशरत जहां ने संवेदनशील द्विपक्षीय मुद्दों पर बात करते वक्त संयम बरतने की अहमियत पर जोर दिया।
गौरतलब है कि बांग्लादेश में भड़की हिंसा के बाद अगस्त, 2024 में हसीना सरकार गिर गई थी और मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के सत्ता में आने के बाद भारत और बांग्लादेश के संबंधों में भारी गिरावट देखने को मिली थी। इसी वर्ष फरवरी में हुए संसदीय चुनावों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की जीत के बाद तारिक रहमान के प्रधानमंत्री बनने पर भारत और बांग्लादेश द्विपक्षीय संबंधों को फिर से बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
