1. Home
  2. हिन्दी
  3. राष्ट्रीय
  4. अमित शाह का सुरक्षा बलों को निर्देश – ‘मणिपुर में 8 मार्च से खोल दें सभी रास्ते, लोगों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करें’
अमित शाह का सुरक्षा बलों को निर्देश – ‘मणिपुर में 8 मार्च से खोल दें सभी रास्ते, लोगों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करें’

अमित शाह का सुरक्षा बलों को निर्देश – ‘मणिपुर में 8 मार्च से खोल दें सभी रास्ते, लोगों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करें’

0
Social Share

नई दिल्ली, 1 मार्च। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आज पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर के हालात को लेकर समीक्षा बैठक की। मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला व राज्य के शीर्ष अधिकारियों के साथ-साथ सेना और पैरामिलिट्री फोर्स के अधिकारियों की मौजूदगी में शाह ने सुरक्षा बलों को निर्देश दिया कि वे आठ मार्च से मणिपुर में सभी रास्ते खोल दें और सड़कों पर लोगों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करें।

मणिपुर में गत 13 फरवरी से लागू है राष्ट्रपति शासन

गौरतलब है कि मणिपुर पिछले दो वर्षों से जातीय हिंसा की चपेट में है। मई, 2023 से इम्फाल घाटी में मेइती और आसपास की पहाड़ियों पर बसे कुकी-जो समूहों के बीच जातीय हिंसा में अब तक 250 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। गत 13 फरवरी को मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के इस्तीफे के साथ ही राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया था। राज्य विधानसभा फिलहाल निलंबित है।

सड़कों पर अवरोध पैदा करने वालों के खिलाफ सख्त काररवाई की जाए

मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद से राज्य की सुरक्षा को लेकर गृह मंत्री शाह की यह पहली समीक्षा बैठक थी। सूत्रों के मुताबिक, गृह मंत्री ने राज्य की सुरक्षा स्थिति का जायजा लिया और कानून-व्यवस्था पर विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने सुरक्षा बलों को आदेश दिया कि आठ मार्च से मणिपुर में सभी सड़कों पर लोगों की आवाजाही बिना किसी रुकावट के होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सड़कों पर अवरोध पैदा करने वालों के खिलाफ सख्त काररवाई की जानी चाहिए।

लूटे गए हथियार जमा करने की समय सीमा 6 मार्च तक बढ़ाई गई

इस बीच राज्यपाल अजय भल्ला ने राज्य में लूटे गए और अवैध हथियार जमा करने की समय सीमा बढ़ाकर 6 मार्च शाम चार बजे तक कर दी है, क्योंकि लोगों ने और समय मांगा था। राज्यपाल भल्ला ने 20 फरवरी को अल्टीमेटम दिया था कि लोग अवैध और लूटे गए हथियार 27 फरवरी तक जमा कर दें अन्यथा उसके बाद सख्त काररवाई होगी।

चेताववी का यह असर हुआ कि सात दिनों में, खासतौर पर घाटी के जिलों में 300 से ज्यादा हथियार जमा किए गए, जिनमें मैतेई कट्टरपंथी समूह अरम्बाई टेंगोल द्वारा सरेंडर किए गए 246 आग्नेयास्त्र भी शामिल हैं। मणिपुर में करीब 22 महीने पहले हुई जातीय हिंसा के शुरुआती दौर में पुलिस से हजारों हथियार लूट लिए गए थे। अब तक छह हजार से अधिक हथियार लूटे जा चुके हैं, जिनमें से लगभग ढाई हजार बरामद किए गए हैं।

LEAVE YOUR COMMENT

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Join our WhatsApp Channel

And stay informed with the latest news and updates.

Join Now
revoi whats app qr code