
TDP के तीनों सुझाव माने गए, वक्फ बिल के समर्थन में वोट करेगी चंद्रबाबू नायडू की पार्टी
नई दिल्ली, 1 अप्रैल। वक्फ (संशोधन) विधेयक में एनडीए के घटक दल तेलुगु देशम पार्टी (TDP) द्वारा सुझाए गए तीनों संशोधनों को स्वीकार कर लिया गया है। इसके साथ ही चंद्रबाबू नायडू की पार्टी ने बुधवार को लोकसभा में पेश किए जाने वाले विधेयक को पूरा समर्थन देने और उसके पक्ष में मतदान का निर्णय लिया है। वहीं जनता दल यूनाइटेड (JDU) के प्रस्तावों को भी स्वीकार कर लिया गया है, लिहाजा अब माना जा रहा है कि नीतीश कुमार की पार्टी भी लोकसभा में बिल का समर्थन कर सकती है।
ये थे टीडीपी के सुझाव
टीडीपी ने ‘वक्फ बाय यूजर’ से संबंधित प्रावधान में संशोधन का प्रस्ताव रखा था, जिसके अनुसार ‘जो भी वक्फ बाय यूजर संपत्तियां वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 के लागू होने से पहले पंजीकृत हो चुकी हैं, वे वक्फ संपत्तियां बनी रहेंगी, जब तक कि संपत्ति विवादित न हो या सरकारी संपत्ति न हो।’ इस संशोधन को विधेयक में शामिल कर लिया गया है।
जांच के लिए कलेक्टर नहीं होगा अंतिम प्राधिकारी
टीडीपी ने यह भी प्रस्ताव दिया था कि वक्फ मामलों में कलेक्टर को अंतिम प्राधिकारी न मानते हुए, राज्य सरकार एक अधिसूचना जारी कर कलेक्टर से ऊंचे पद के अधिकारी को नामित कर सकती है, जो कानून के अनुसार जांच करेगा। यह संशोधन भी विधेयक का हिस्सा बन गया है।
दस्तावेज जमा करने के लिए मिलेगा अतिरिक्त समय
टीडीपी का तीसरा प्रमुख संशोधन डिजिटल दस्तावेजों की समय-सीमा बढ़ाने से संबंधित था। अब, यदि ट्रिब्यूनल को देरी का उचित कारण संतोषजनक लगता है तो वक्फ को डिजिटल दस्तावेज जमा करने के लिए अतिरिक्त छह माह का समय मिल सकेगा। टीडीपी के संशोधनों को स्वीकार किए जाने के बाद, पार्टी ने इस विधेयक के समर्थन में मतदान करने का निर्णय लिया है।
मध्याह्न 12 बजे पेश होगा वक्फ बिल
कुल मिलाकर देखें तो वक्फ संशोधन बिल को लेकर अब तस्वीर साफ हो गई है। यह बिल बुधवार को मध्याह्न 12 बजे लोकसभा में आएगा। बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में इस पर मुहर लग गई है। सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की अगुवाई कर रही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सदन में अपने सांसदों की मौजूदगी सुनिश्चित करने के लिए तीन लाइन का ह्विप जारी कर चुकी है।