15 राज्यों में भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट, यूपी-बिहार में 70 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेंगी हवाएं; IMD ने जारी की चेतावनी
नई दिल्ली, 18 जुलाई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शनिवार को देश के 15 राज्यों में भारी बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून की गतिविधियां तेज होने के कारण कई राज्यों में तेज बारिश के साथ 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
यूपी-बिहार समेत कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना
आईएमडी के मुताबिक उत्तर प्रदेश, बिहार सहित कई राज्यों में तेज हवाओं, गरज-चमक और भारी बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। तेज हवाओं के कारण पेड़, बिजली के खंभे और खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है, जबकि कई इलाकों में बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान घरों के अंदर रहने, पेड़ों के नीचे शरण न लेने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। साथ ही परिवहन और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की संभावना को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
हिमाचल प्रदेश में 23 जुलाई तक ऑरेंज अलर्ट
शिमला स्थित मौसम केंद्र ने 19 से 23 जुलाई के बीच हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून के साथ एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय होने से पूरे राज्य में व्यापक बारिश होने की संभावना है। मौसम केंद्र के निदेशक शोभित कटियार ने बताया कि शनिवार को मंडी, कांगड़ा, कुल्लू, शिमला और सिरमौर जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। उन्होंने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से भूस्खलन और फ्लैश फ्लड की आशंका वाले क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
जम्मू-कश्मीर में भी फ्लैश फ्लड और भूस्खलन का खतरा
आईएमडी ने जम्मू-कश्मीर के लिए भी भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए अगले कुछ दिनों में अचानक बाढ़ (Flash Flood), भूस्खलन और निचले इलाकों में जलभराव की आशंका जताई है। विभाग ने शनिवार रात, रविवार सुबह और 20 से 22 जुलाई के बीच विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
नदियों और झरनों से दूर रहने की सलाह
मौसम विभाग ने लोगों से नदियों, झरनों और जलप्रपातों के आसपास जाने से बचने, पहाड़ी मार्गों पर सावधानी से यात्रा करने तथा स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। साथ ही आपदा प्रबंधन एजेंसियों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए हाई अलर्ट पर रखा गया है।
