केंद्र सरकार का फैसला : असम में 9 जिलों को छोड़कर आज आधी रात से हट जाएगा AFSPA

दिसपुर, 31 मार्च। पूर्वोत्तर राज्य असम में नौ जिलों और एक अनुमंडल को छोड़कर आज आधी रात से सशस्त्र बल विशेष अधिकार अधिनियम (अफस्पा या AFSPA) हट जाएगा। राज्य के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने गुरुवार को यहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी।

हिमंत ने कहा, ‘ नौ जिलों और एक अनुमंडल को छोड़कर असम में आज आधी रात से अफस्पा को पूरी तरह वापस ले लिया जाएगा। इससे हमारे 60 प्रतिशत क्षेत्र से अफस्पा वापस ले लिया जाएगा। आज आधी रात से पूरे निचले, मध्य और उत्तरी असम से यह कानून हटाया जाएगा।’

गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट में दी थी फैसले की जानकारी

इसके पूर्व दिन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी एक ट्वीट में इस आशय जानकारी दी थी। उन्होंने ट्वीट में लिखा था, ‘एक महत्वपूर्ण कदम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्णायक नेतृत्व में भारत सरकार ने दशकों बाद नागालैंड, असम और मणिपुर राज्यों में सशस्त्र बल विशेष अधिकार अधिनियम (अफस्पा) के तहत अशांत क्षेत्रों को कम करने का निर्णय लिया है।’

सीएम हिमंत ने कहा, ‘अफस्पा असम के पहाड़ी क्षेत्रों में मौजूद रहेगा, जहां स्थिति में सुधार होने बाकी हैं। असम का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल 78,438 वर्ग किमी है। यह पूरा क्षेत्र अशांत क्षेत्र था और अब यह क्षेत्र केवल 31,724.94 वर्ग किमी तक ही सीमित है।

राज्य में 1990 से लागू था यह विवादास्पद कानून

उन्होंने कहा कि 1990 में असम को अशांत क्षेत्र घोषित किया गया था, तब से AFSPA लगातार लागू था। 1990 से अब तक असम की सरकार 62 बार AFSPA बढ़ा चुकी है। आज पीएम मोदी ने AFSPA को उस क्षेत्र से वापस लेने का साहसिक निर्णय लिया है, जहां इसकी आवश्यकता नहीं है।

सर्बानंद सोनोवाल बोले – पूर्वोत्तर के लिए यह ऐतिहासिक दिन

वहीं इस मामले में केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि नॉर्थ ईस्ट के लिए एक बहुत बड़ा निर्णय लिया गया है। नॉर्थ ईस्ट के तीनों प्रदेश असम, मणिपुर और नागालैंड में बसे हुए AFSPA का दायरा घटाया गया है। यह एक ऐतिहासिक दिन है। इस निर्णय से पता चलता है कि यहां पर शांति वापस से बहाल हुई है।

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