Defence Ministry Report: LAC पर चीन की सैन्य तैनाती में कमी, LoC पर बढ़े संघर्ष विराम उल्लंघन; ड्रोन घुसपैठ भी बढ़ी

नई दिल्ली, 14 सितंबर। रक्षा मंत्रालय की 2025 की रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तरी मोर्चे पर वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के आसपास चीनी सेना की तैनाती में पिछले वर्ष की तुलना में महत्वपूर्ण कमी देखी गई। हालांकि, LAC और पारंपरिक प्रशिक्षण क्षेत्रों में चीन की करीब 10 संयुक्त हथियार ब्रिगेड के आकार की टुकड़ियां तैनात रहीं। इसके मुकाबले भारतीय सेना ने सभी क्षेत्रों में मजबूत और रणनीतिक रूप से उपयुक्त तैनाती बनाए रखी। रिपोर्ट के अनुसार, भारत और चीन के बीच राजनीतिक, कूटनीतिक और सैन्य स्तर पर जारी संवाद ने सीमा पर स्थिरता बनाए रखने में मदद की। कार्यकारी तंत्र की बैठकें, विशेष प्रतिनिधियों की वार्ता, कोर कमांडर स्तर की बातचीत और सीमा कार्मिक बैठकों का सिलसिला जारी रहा।

LAC पर बातचीत से बनी स्थिरता

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, भारत और चीन के अधिकारियों के बीच हुई बैठकों में दोनों पक्षों ने आपसी चिंता से जुड़े मुद्दों को सौहार्दपूर्ण माहौल में उठाया और उनके समाधान की दिशा में चर्चा की। भारतीय सेना ने इस दौरान उत्तरी सीमाओं पर अपनी रणनीतिक स्थिति मजबूत बनाए रखी, जबकि चीनी सेना की तैनाती में कमी दर्ज की गई।

LoC पर घुसपैठ की 6 कोशिशें, 12 पाकिस्तानी आतंकी ढेर

रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में नियंत्रण रेखा (LoC) पर आतंकियों ने घुसपैठ की छह कोशिशें कीं। सुरक्षा बलों ने इन अभियानों के दौरान 12 पाकिस्तानी आतंकियों को मार गिराया। पिछले वर्षों की तुलना में LoC पर घुसपैठ की कोशिशों में कमी दर्ज की गई। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों के आकलन के मुताबिक आतंकियों ने अब अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे क्षेत्रों पर ज्यादा ध्यान केंद्रित करना शुरू किया है। इन गतिविधियों में मादक पदार्थों और युद्ध जैसी सामग्री की तस्करी की कोशिशें भी शामिल हैं।

2025 में LoC पर 163 संघर्ष विराम उल्लंघन

रिपोर्ट में बताया गया है कि वर्ष 2025 में LoC पर संघर्ष विराम उल्लंघन के 163 मामले दर्ज किए गए। इसके मुकाबले 2024 में केवल दो ऐसे मामले सामने आए थे। 2025 में दर्ज 163 उल्लंघनों में से 124 मामले ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हुए। आंकड़ों से उस अवधि में सीमा पर बढ़े तनाव का अंदाजा लगाया जा सकता है।

जम्मू-कश्मीर में 19 आतंकी मारे गए

जम्मू-कश्मीर के भीतरी इलाकों में भी 2025 के दौरान आतंकवाद विरोधी अभियान जारी रहे। सुरक्षा बलों की कार्रवाई में 19 आतंकियों को मार गिराया गया, जिनमें आठ पाकिस्तानी आतंकी थे। यानी मारे गए आतंकियों में करीब 40 फीसदी पाकिस्तानी नागरिक थे। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह आंकड़ा जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद और छद्म युद्ध को बढ़ावा देने में पाकिस्तान की भूमिका की ओर संकेत करता है।

अंतरराष्ट्रीय सीमा पर 863 ड्रोन घुसपैठ

रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर ड्रोन घुसपैठ के 863 मामले सामने आए। इनमें जम्मू-कश्मीर में नौ, जबकि पंजाब और राजस्थान में 854 मामले दर्ज किए गए। सुरक्षा बलों ने ड्रोन खतरे से निपटने के लिए स्पूफर और जैमर जैसे तकनीकी उपकरणों का इस्तेमाल किया। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा बलों ने 237 ड्रोन मार गिराए। इनमें पांच ड्रोन युद्ध जैसी सामग्री लेकर आए थे, जबकि 72 ड्रोन में मादक पदार्थ पाए गए। 161 ड्रोन बिना किसी सामान के थे। रिपोर्ट के अनुसार, इससे सीमा पार से निगरानी और तस्करी के लिए ड्रोन के बढ़ते इस्तेमाल का संकेत मिलता है।

हथियार और प्रतिबंधित सामग्री भी बरामद

अंतरराष्ट्रीय सीमा के आसपास सुरक्षा बलों ने कार्रवाई के दौरान दो AK-47 राइफलें, 75 पिस्तौल और 281.41 किलोग्राम प्रतिबंधित सामग्री बरामद की। रिपोर्ट के मुताबिक, इनमें से कुछ सामग्री ड्रोन के जरिए सीमा पार से पहुंचाए जाने की आशंका है। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि इन गतिविधियों से संकेत मिलता है कि विरोधी पक्ष हथियार, गोला-बारूद और मादक पदार्थों की निगरानी तथा तस्करी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल बढ़ा रहा है। पंजाब में इस तरह की गतिविधियों पर सुरक्षा एजेंसियों ने विशेष रूप से निगरानी बढ़ाई है।

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