पैरा एशियाई खेलों का रंगारंग उद्घाटन : प्रमोद भगत व सिमरन शर्मा बने भारतीय दल ध्वज वाहक

नागोया (जापान), 18 अक्टूबर। गत चार अक्टूबर को यहां 20वें एशियाई खेलों के भव्य समापन के बाद अब रविवार को पांचवें पैरा एशियाई खेलों का भी रंगारंग आगाज़ हो गया। नागोया सिटी मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में जापान के राजा नारुहितो ने खेलों का आधिकारिक उद्घाटन किया। इसके साथ ही महाद्वीपीय पैरा खेलों में पदकों के लिए औपचारिक जोर आजमाइश भी शुरू हो गई।

पैरा एशियाई खेलों के इतिहास में यह पहला अवसर है, जब एशिया के सभी 45 देश हिस्सा ले रहे हैं। उद्घाटन समारोह में मार्च पास्ट के दौरान भारतीय दल ने भी शानदार अंदाज में पालोमा मिजुहो स्टेडियम में प्रवेश किया। पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी प्रमोद भगत और धाविका सिमरन शर्मा भारतीय दल के ध्वजवाहक बने और तिरंगा लेकर टीम इंडिया की अगुआई की।

उद्घाटन समारोह में भारतीय खिलाड़ियों का प्रवेश खास आकर्षण रहा। पैरालम्पिक कमेटी ऑफ इंडिया (PCI) ने सोशल मीडिया पर भारतीय दल के मार्च का वीडियो साझा किया। कमेटी ने प्रमोद भगत और सिमरन शर्मा को ध्वजवाहक बनाए जाने को देश के लिए गर्व का क्षण बताया। प्रमोद भगत भारत के प्रमुख पैरा बैडमिंटन खिलाड़ियों में शामिल हैं जबकि सिमरन शर्मा ने स्प्रिंट स्पर्धाओं में अपनी पहचान बनाई है। दोनों खिलाड़ियों ने भारतीय तिरंगे के साथ दल की अगुवाई करते हुए देश की खेल भावना और पदक जीतने के इरादे को प्रदर्शित किया।

पहले भाविना पटेल थीं ध्वजवाहक, फिर बदला फैसला

भारतीय दल के ध्वजवाहकों के नाम में उद्घाटन समारोह से पहले बदलाव किया गया। शुरुआत में प्रमोद भगत के साथ पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ी भाविना पटेल को यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी। हालांकि, बाद में उनकी जगह सिमरन शर्मा को ध्वजवाहक बनाया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार भाविना पटेल को सोमवार, 19 अक्तूबर को अपना क्वार्टर फाइनल मुकाबला खेलना है। उद्घाटन समारोह स्थल तक आने-जाने में करीब छह घंटे लगने की संभावना थी। ऐसे में उनके आराम और अगले दिन के महत्वपूर्ण मुकाबले की तैयारी को ध्यान में रखते हुए यह बदलाव किया गया।

भाविना पटेल भारत की प्रमुख पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ियों में से एक हैं। उन्होंने 2018 से 2023 के बीच एशियन पैरा गेम्स में एक रजत और एक कांस्य पदक जीता है। वहीं, प्रमोद भगत 2014 से 2023 के बीच इन खेलों में दो स्वर्ण और चार कांस्य पदक अपने नाम कर चुके हैं।

भारतीय खिलाड़ियों की जर्सी में दिखी सिंधु घाटी सभ्यता की झलक

उद्घाटन समारोह में भारतीय दल की पोशाक भी आकर्षण का केंद्र रही। खिलाड़ियों ने गहरे नीले रंग के ब्लेजर पहने, जिन पर सुनहरे रंग के डिजाइन बनाए गए थे। इन डिजाइनों में सिंधु घाटी सभ्यता से प्रेरित आकृतियों को शामिल किया गया था। ब्लेजर पर प्रसिद्ध ‘प्रिस्ट-किंग’ मूर्ति, ‘डांसिंग गर्ल’ की आकृति और प्राचीन मुहरों से प्रेरित प्रतीक नजर आए। इसके अलावा, ब्लेजर की जेब पर भारतीय तिरंगे को जगह दी गई, जबकि कॉलर पर सप्तसिंधु यानी सात नदियों की भूमि की सांस्कृतिक विरासत को दर्शाया गया। इस पोशाक के जरिए भारतीय दल ने देश की सांस्कृतिक विरासत और खेल महत्वाकांक्षाओं को एक साथ प्रस्तुत किया।

जापानी पीएम साने ताकाइची ने खिलाड़ियों का किया स्वागत

जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने प्रतिभागी खिलाड़ियों और अधिकारियों का स्वागत किया। उन्होंने खिलाड़ियों के साहस, दृढ़ संकल्प और चुनौतियों का सामना करने की भावना की सराहना की। ताकाइची ने कहा कि खिलाड़ियों का अपनी सीमाओं को चुनौती देना, एक-दूसरे का सम्मान करना और अपनी क्षमता का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना समाज को पैरा खेलों की ताकत और संभावनाओं से परिचित कराएगा। उन्होंने खिलाड़ियों के परिवारों और उनके सहयोगियों के योगदान की भी सराहना की।

45 देशों के लगभग तीन हजार खिलाड़ी 18 खेलों की स्पर्धाओं में भाग लेंगे

पहली बार जापान की मेजबानी में 24 अक्टूबर तक आयोजित पैरा एशियाड में 45 देशों के लगभग तीन हजार खिलाड़ी 18 खेलों की स्पर्धाओं में जोर आजमाइश करेंगे। एशिया के सभी 45 देशों की भागीदारी को पैरा खेलों के विस्तार, समावेशिता और एकजुटता की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

भारत के 168 खिलाड़ी 11 खेलों में पेश करेंगे चुनौती

पैरा एशियाई खेलों 2026 के लिए भारत ने कुल 281 सदस्यीय दल भेजा है। इसमें 168 खिलाड़ी शामिल हैं, जिनमें 112 पुरुष और 56 महिलाएं हैं। भारतीय खिलाड़ी 11 खेलों में देश का प्रतिनिधित्व करेंगे। भारत की नजर इस बार भी पदक तालिका में मजबूत प्रदर्शन करने पर है।

हांगझू 2023 में भारतीय खिलाड़ियों ने रिकॉर्ड 111 पदक जीते थे

पिछले संस्करण – हांगझू 2023 में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रिकॉर्ड 111 पदक (29 स्वर्ण, 31 रजत और 51 कांस्य) जीते थे और पदक तालिका में पांचवें स्थान हासिल किया था। यह आंकड़ा जकार्ता 2018 में बने भारत के पिछले 72 पदकों के रिकॉर्ड को आसानी से पार कर गया और अब टीम उसी लय को आगे बढ़ाने की कोशिश करेगी।

हांगझू में भारत के लिए सबसे बड़ा योगदान पैरा एथलेटिक्स का रहा, जिसमें 18 स्वर्ण पदकों सहित कुल 55 पदक आए। उम्मीद है कि आइची-नागोया में भी देश के लिए पदक जीतने की मुहिम में पैरा एथलेटिक्स सबसे आगे रहेगा।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular