लखनऊ, 15 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता की आराधना के अवसर पर नारी शक्ति, मातृ स्वास्थ्य और बेटियों की शिक्षा को विकसित भारत की आधारशिला बताया। उन्होंने कहा कि सशक्त नारी ही समर्थ उत्तर प्रदेश और विकसित भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभाती है। आज प्रदेश की बेटियां अवसरों की कमी को पीछे छोड़कर अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने संदेश में कहा कि वात्सल्य, ममता और पोषण की अधिष्ठात्री मां स्कंदमाता की आराधना हमें यह संदेश देती है कि जब महिलाएं स्वस्थ, शिक्षित और सशक्त होती हैं, तभी राष्ट्र का वर्तमान सुरक्षित और भविष्य उज्ज्वल बनता है।
बेटियों की शिक्षा और मातृ स्वास्थ्य पर दिया जोर
सीएम योगी ने वर्ष 2017 से पहले की सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि उस समय बेटियों के सशक्तीकरण के बजाय राजनीतिक हितों को प्राथमिकता दी गई। उनके मुताबिक, माताओं के स्वास्थ्य और बेटियों की शिक्षा की उपेक्षा के कारण प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा व्यवस्था के सामने कई चुनौतियां थीं। अस्पतालों की बदहाली, दवाओं की कमी और संस्थागत प्रसव की कमजोर व्यवस्था से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में डबल इंजन सरकार ने इन परिस्थितियों को बदलने के लिए काम किया है। सरकार ने बेटी के जन्म से लेकर उसकी शिक्षा और सुरक्षित मातृत्व तक विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सुरक्षा और कल्याण का व्यापक ढांचा तैयार किया है।
स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं में सुधार का दावा
सीएम योगी के मुताबिक, ऑपरेशन कायाकल्प के तहत प्राथमिक विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता 36 प्रतिशत से बढ़कर 96 प्रतिशत से अधिक हो गई है। वहीं, स्कूलों में पढ़ाई बीच में छोड़ने की दर यानी ड्रॉपआउट रेट 20 प्रतिशत से घटकर 3 प्रतिशत से भी कम रह गई है।
उन्होंने कहा कि अटल आवासीय विद्यालयों के माध्यम से श्रमिकों और वंचित वर्गों के बच्चों को आधुनिक आवासीय शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अलावा, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में कक्षा 12 तक पढ़ाई की सुविधा के विस्तार से बेटियों को अपनी शिक्षा पूरी करने के बेहतर अवसर मिल रहे हैं।
माताओं और बेटियों के लिए योजनाओं का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने महिलाओं और बेटियों के कल्याण के लिए केंद्र तथा राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और पोषण अभियान के जरिए गर्भवती महिलाओं को पोषण तथा आर्थिक सहायता मिल रही है। स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में सुधार हुआ है।
उन्होंने आयुष्मान भारत योजना का जिक्र करते हुए कहा कि इसके तहत प्रदेश की करोड़ों महिलाओं को कैशलेस उपचार की सुविधा मिल रही है। वहीं, मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के माध्यम से बेटियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क तैयारी का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है।
यूपी में महिला पुलिसकर्मियों की संख्या 44 हजार के पार
सीएम योगी ने प्रदेश में महिला पुलिसकर्मियों की संख्या में हुई वृद्धि का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जनवरी 2016 तक उत्तर प्रदेश में महिला पुलिसकर्मियों की संख्या करीब 10 हजार थी, जो अब बढ़कर 44 हजार से अधिक हो गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों की शिक्षा और उनके सशक्तीकरण में निवेश करना प्रदेश के भविष्य को मजबूत बनाने जैसा है। उन्होंने विश्वास जताया कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और समान अवसरों के विस्तार से उत्तर प्रदेश की बेटियां आगे भी नई उपलब्धियां हासिल करेंगी।
अपने संदेश के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की बेटियां अब अवसरों की कमी से आगे बढ़कर अपनी प्रतिभा और परिश्रम के बल पर सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। उन्होंने मां स्कंदमाता को नमन करते हुए सशक्त नारी को समर्थ उत्तर प्रदेश और विकसित भारत की आधारशिला बताया।


