ग्रेटर नोएडा, 28 सितंबर। इंडिया एक्सपो मार्ट में चल रहे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में उत्तर प्रदेश के पारंपरिक व्यंजनों और मिठाइयों का स्वाद लोगों को खूब आकर्षित कर रहा है। इस बार पहली बार ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन कुजीन’ (One District One Cuisine) के तहत प्रदेश के सभी 75 जिलों के प्रसिद्ध व्यंजनों को एक मंच पर प्रदर्शित किया गया है। इनमें बागपत का पारंपरिक घेवर और शामली की पलंग तोड़ बर्फी व पेड़ा खास आकर्षण बने हुए हैं।
बागपत के घेवर की हो रही खूब बिक्री
‘वन डिस्ट्रिक्ट वन कुजीन’ पवेलियन में बागपत के स्टाल पर पहुंच रहे लोग घेवर का स्वाद लेने के साथ-साथ इसे तैयार होते हुए भी देख रहे हैं। स्टाल पर पांच कारीगर आगंतुकों के सामने ताजा घेवर तैयार कर रहे हैं। घेवर बनने की पारंपरिक प्रक्रिया देखने के बाद लोग इसकी कुरकुराहट और ऊपर जमी खोये की परत का स्वाद ले रहे हैं। दिल्ली, गुरुग्राम और गाजियाबाद से ट्रेड शो में पहुंचे कई लोगों ने बागपत के घेवर को पसंद किया। बागपत के अमीनगर सराय निवासी ईश्वर दयाल अग्रवाल के परिवार में पिछले तीन पीढ़ियों से घेवर बनाने का कारोबार किया जा रहा है। परिवार से जुड़े दीपक गोयल ट्रेड शो में स्टाल का संचालन कर रहे हैं।
सावन के बाद भी घेवर की बढ़ रही मांग
दीपक गोयल के मुताबिक, स्टाल पर पहुंचने वाले कई लोग सवाल करते हैं कि घेवर आमतौर पर सावन के मौसम में मिलने वाली मिठाई है, फिर सितंबर में इसकी बिक्री कैसे हो रही है। उन्होंने बताया कि बागपत में अब घेवर की मांग केवल सावन तक सीमित नहीं है। लोग साल के अलग-अलग समय में भी घेवर खरीद रहे हैं।सोशल मीडिया के माध्यम से भी लोगों को बागपत के घेवर की उपलब्धता की जानकारी मिल रही है। ट्रेड शो में इसकी रोजाना अच्छी बिक्री हो रही है। घेवर की कीमत करीब 600 रुपये प्रति किलो रखी गई है।
शुद्ध खोये की परत बनाती है खास
दीपक गोयल ने बताया कि शुद्ध दूध से तैयार खोये का इस्तेमाल घेवर को अलग स्वाद देता है। घेवर का नीचे का हिस्सा कुरकुरा होता है, जबकि ऊपर खोये की परत इसकी खास पहचान है। बागपत के अलावा दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी इसकी मांग रहती है। ट्रेड शो में दिल्ली की सोनाली, गुरुग्राम की रवीना कश्यप और गाजियाबाद के धर्मेंद्र भारद्वाज समेत कई लोगों ने घेवर का स्वाद लिया। आगंतुकों ने स्टाल पर रुककर घेवर तैयार करने की पारंपरिक प्रक्रिया भी देखी।
शामली की पलंग तोड़ बर्फी और पेड़ा भी चर्चा में
वहीं, शामली के साधु स्वीट्स की पलंग तोड़ बर्फी और पलंग तोड़ पेड़ा भी ट्रेड शो में लोगों को खूब पसंद आ रहे हैं। साधु स्वीट्स के मालिक राकेश गर्ग ने बताया कि ट्रेड शो के पहले दिन से ही उनके स्टाल पर ग्राहकों की भीड़ पहुंच रही है। स्टाल पर कई तरह की मिठाइयां उपलब्ध हैं, लेकिन पलंग तोड़ बर्फी और पेड़ा लोगों की खास पसंद बने हुए हैं। राकेश गर्ग के मुताबिक, ट्रेड शो के जरिए शामली की पारंपरिक मिठाइयों को देश के अलग-अलग हिस्सों से आए लोगों के साथ-साथ विदेशी मेहमानों तक पहुंचने का अवसर मिल रहा है।
विदेशी मेहमान भी चख रहे शामली की मिठाइयां
राकेश गर्ग ने बताया कि ट्रेड शो के हाल नंबर 17 में वियतनाम, रूस, बेलारूस और ऑस्ट्रिया से आए विदेशी व्यापारी भी ठहरे हैं। विदेशी मेहमान भारतीय मिठाइयों और पारंपरिक व्यंजनों में रुचि दिखा रहे हैं। शामली की पलंग तोड़ बर्फी और पेड़े का स्वाद भी विदेशी मेहमान ले रहे हैं।
स्थानीय कारोबारियों को मिल रहा नया बाजार
यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में वन डिस्ट्रिक्ट वन कुजीन के तहत प्रदेश के अलग-अलग जिलों के पारंपरिक खाद्य उत्पादों को एक मंच मिलने से स्थानीय कारीगरों और मिठाई कारोबारियों को नए ग्राहकों तक पहुंचने का अवसर मिल रहा है। बागपत का घेवर और शामली की पलंग तोड़ मिठाइयां इसका उदाहरण हैं। ट्रेड शो में देश-विदेश से आए लोग जहां उत्तर प्रदेश के पारंपरिक स्वाद से परिचित हो रहे हैं, वहीं स्थानीय कारोबारियों को भी नए बाजार और ग्राहकों तक पहुंच बनाने का मौका मिल रहा है।


