एशियाई खेल : दीपिका की अगुआई में गोलों की बारिश जारी, महिला हॉकी में भारत ने अब थाईलैंड को 20-1 से रौंदा

काकामिगाहारा (जापान), 23 सितम्बर। भारतीय महिला हॉकी टीम ने यहां 20वें एशियाई खेलों (Aichi-Nagoya 2026) में दीपिका सहरावत की अगुआई में गोलों की बारिश जारी रखी है। इस क्रम में बुधवार को गिफू प्रीफेक्चरल ग्रीन स्टेडियम में पूल बी के मैच में टीम ने थाईलैंड को 20-1 से रौंदते हुए लगातार तीसरी बड़ी जीत हासिल की।

पूल बी में लगातार तीसरी बड़ी जीत

इस भारी भरकम जीत के साथ ही भारत का टूर्नामेंट में अजेय रिकॉर्ड बरकरार है और स्योर्ड मारिजने की कोचिंग वाली टीम पूल स्टैंडिंग में मजबूती से शीर्ष पर बनी हुई है। इससे पहले भारत ने उज्बेकिस्तान को 19-0 और फिर इंडोनेशिया को 17-1 के बड़े अंतर से शिकस्त दी थी।

ड्रैग फ्लिकर दीपिका ने अकेले ठोक दिए रिकॉर्ड 9 गोल

फॉरवर्ड व ड्रैग-फ्लिक स्पेशलिस्ट दीपिका की बात करें तो उन्होंने थाईलैंड के खिलाफ भी रिकॉर्ड नौ गोल ठोक दिए और उनके ये सभी गोल शॉर्ट कॉर्नर से आए। उन्होंने उज्बेकिस्तान के खिलाफ आठ गोल किए थे जबकि इंडोनेशिया के खिलाफ उनकी स्टिक से तीन गोल निकले थे। कुल मिलाकर देखें तो भारतीय महिलाओं ने तीन मैचों में अब तक 56 गोल ठोके हैं, जिनमें 20 गोल अकेले दीपिका की स्टिक से निकले हैं।

भारत 3 मैचों में कर चुका है 56 गोल, इनमें 20 दीपिका के नाम

दीपिका के अलावा नवनीत कौर ने चार गोल दागे जबकि रुतुजा पिसल ने हैट्रिक पूरी की। वहीं नेहा, लालरेम्सियामी, साक्षी राणा और कप्तान सलीमा टेटे ने भी गोल कर टीम की जीत में अहम योगदान दिया। भारतीय टीम ने पूरे मैच में आक्रामक खेल दिखाया और लगातार विपक्षी टीम पर दबाव बनाए रखा। शानदार अटैक और बेहतरीन तालमेल के दम पर भारत ने मुकाबले पर पूरी तरह नियंत्रण रखा और विपक्ष को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। थाईलैंड चौथे क्वार्टर के आखिर में एक गोल करने में कामयाब हो सका, जब पेनाल्टी कॉर्नर से सुपांसा समंसो की ड्रैग-फ्लिक निशाने पर रही।

अब शुक्रवार को मेजबान जापान से होगा मुकाबला

भारतीय महिला हॉकी टीम का अगला मुकाबला शुक्रवार को मेजबान जापान से होगा। इस मैच में एक और मजबूत प्रदर्शन टीम की नॉकआउट चरण से पहले स्थिति को और मजबूत कर सकता है। भारत की नजर हांगझू एशियाई खेलों में जीते गए कांस्य पदक से बेहतर प्रदर्शन करने पर है। टीम 1982 के दिल्ली एशियाड के बाद महिला हॉकी में अपना पहला स्वर्ण जीतने की कोशिश कर रही है।

पुरुष टीम का गुरुवार को दक्षिण कोरिया से सामना होगा

उधर पुरुष वर्ग में गत चैम्पियन पुरुष हॉकी टीम गुरुवार को पूल ए के तीसरे मैच में दक्षिण कोरिया से सामना होगा। यह मुकाबला टीम के लिए पहली बड़ी चुनौती साबित हो सकता है। भारत ने अपने पहले दो मुकाबलों में क्रमशः इंडोनेशिया को 13-1 और श्रीलंका को 16-1 से भारी शिकस्त दी। पूल में आगे कोरिया, जापान और बांग्लादेश से खेलना है। 12 टीमों की प्रतियोगिता में प्रत्येक पूल की शीर्ष दो टीमें सेमीफाइनल में जगह बनाएंगी।

भारत ने पदक स्पर्धाओं के चौथे दिन एक रजत सहित 5 पदक जीते

इस बीच खेलों में पदक स्पर्धाओं के चौथे दिन बुधवार को भारत के हिस्से बुधवार को एक रजत व चार कांस्य सहित कुल पांच पदक आए। दिन का इकलौता रजत पदक भारोत्तोलक मीराबाई चानू ने हासिल किया तो दो कांस्य पदक निशानेबाजी में महिला व पुरुष स्कीट टीमों ने जीते। वहीं पुरुष टीम बैडमिंटन के अलावा जय मीणा ने सॉफ्ट टेनिस के पुरुष एकल में तीसरा स्थान पाया।

पदक तालिका में भारत 13वें स्थान पर खिसका

फिलहाल भारत एक स्वर्ण, पांच रजत व छह कांस्य यानी 12 पदकों के साथ पदक तालिका में 13वें स्थान पर पिछड़ा हुआ है। वहीं चीन सर्वाधिक 78 पदक (48+20+10) लेकर अन्य देशों से काफी आगे है। मेजबान जापान (15+25+27=67) दूसरे व कोरिया गणराज्य (8+8+25=41) तीसरे स्थान पर हैं।

सॉफ्ट टेनिस में जय मीणा ने पदक जीतकर रचा इतिहास

जय मीणा का जहां तक सवाल है तो उन्होंने पिछले दो एशियाई खेलों में पदक से चूकने के बाद तीसरे प्रयास में सफलता हासिल की और एशियाई खेलों में इतिहास रचते हुए सॉफ्ट टेनिस में कोई पदक जीतने वाले पहले भारतीय बने।

सॉफ्ट टेनिस में पारंपरिक लॉन टेनिस की तुलना में नरम रबर की गेंद और काफी हल्के रैकेट इस्तेमाल होते हैं। मीणा ने तुकोया कुरोसाका से 2-4 से हारने के बावजूद कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा। मीणा को 45 मिनट तक चले मुकाबले में कुरोसाका के खिलाफ 3-5, 1-4, 1-4, 4-1, 6-4, 1-4 से हार गए।

भारतीय महिला पिस्टल निशानेबाजों को निराशा हाथ लगी

हालांकि निशानेबाजी रेंज में दो बार की ओलम्पिक पदक विजेता मनु भाकर, सुरुचि सिंह और ईशा सिंह जैसी अधिक चर्चित भारतीय महिला पिस्टल निशानेबाजों के 10 मीटर एयर पिस्टल की टीम और व्यक्तिगत स्पर्धाओं में पदक जीतने में नाकाम रहने के बाद स्कीट निशानेबाजों ने भारत की लाज बचाई।

मनु ही व्यक्तिगत फाइनल के लिए क्वालीफाई कर सकीं लेकिन वह पांचवें स्थान पर रहीं। पेरिस ओलम्पिक की कांस्य पदक विजेता 24 वर्षीय मनु बाद में भावुक हो गईं और जून में अपने बचपन के कोच जसपाल राणा की अचानक हुई मौत से उन पर पड़े भावनात्मक असर के बारे में बताया।

वुशु खिलाड़ी रोशिबिना देवी नाओरेम ने स्वर्ण की उम्मीद कायम रखी

इस बीच वुशु खिलाड़ी रोशिबिना देवी नाओरेम ने महिलाओं के 60 किग्रा वर्ग के फाइनल में जगह बनाकर स्वर्ण पदक की उम्मीद कायम रखी। उन्होंने आइची प्रांत मार्शल आर्ट्स हॉल में इंडोनेशिया की थानिया कुसुमनिंगतास को 2-0 से हराया। फाइनल में उनका सामना चीन की शियाओयू झांग से होगा। 25 वर्षीय रोशिबिना ने पिछली दो प्रतियोगिताओं में एक रजत और एक कांस्य पदक जीता था।

टेबल टेनिस में दोनों मिश्रित जोड़ियां अंतिम 8 में

उधर हरमीत देसाई व यशस्विनी घोरपड़े तथा मानुष शाह व दीया चितले की भारतीय जोड़ियों ने टेबल टेनिस की मिश्रित युगल स्पर्धा के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। विश्व रैंकिंग में सातवें स्थान पर काबिज चितले और शाह की जोड़ी ने श्रीलंका और मालदीव की जोड़ियों के खिलाफ 3-0 की जीत दर्ज करते हुए अंतिम आठ में जगह बनाई। अब गुरुवार को क्वार्टर फाइनल में उनका सामना हांगकांग की डू होई किम व वोंग चुन टिंग की जोड़ी से होगा। यह मुकाबला जीतने पर भारतीय जोड़ी का पदक पक्का हो जाएगा।

वहीं महिला वर्ग में देसाई और घोरपड़े का सामना लिन शिदोंग और कुआई मैन की चीन की विश्व रैंकिंग में छठे स्थान पर काबिज जोड़ी से होगा। भारतीय जोड़ी को बुधवार को हांगकांग और मालदीव की जोड़ियों के खिलाफ कड़े मुकाबलों में जीत मिली।

स्क्वाश : अभय सिंह, वीर चोटरानी और तन्वी खन्ना ने स्क्वाश प्रतियोगिता में अपने-अपने एकल मुकाबलों में आसान जीत दर्ज करके अंतिम 16 में जगह बना ली।

कबड्डी : भारत ने कबड्डी में भी अपना दबदबा जारी रखा। पुरुष और महिला दोनों टीमों ने ग्रुप चरण के मुकाबलों में क्रमश: बांग्लादेश और ईरान के खिलाफ जीत दर्ज की।

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